कर्नाटक कैबिनेट विस्तार की तैयारी, 20 जुलाई तक हो सकता है मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल भारत 3 महीने पहले 128
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कैबिनेट विस्तार के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि 20 जुलाई तक राज्य मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका मिल सकता है और इसे लेकर सीएम जल्द ही दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात करेंगे।

कैबिनेट विस्तार को लेकर तेज हुई हलचल

कर्नाटक की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां काफी बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनकी कैबिनेट का विस्तार जल्द ही किया जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चा के मुताबिक, 20 जुलाई की तारीख इस विस्तार के लिए संभावित मानी जा रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार होगा जब डीके शिवकुमार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और जातीय संतुलन को साधने के लिए पार्टी कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह देने पर विचार कर रही है।

खाली पड़े हैं 20 मंत्री पद

मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो कर्नाटक में इस समय मुख्यमंत्री समेत केवल 14 मंत्री ही कार्यभार संभाल रहे हैं। नियमानुसार, कर्नाटक में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 34 हो सकती है, जिसका अर्थ है कि अभी भी कैबिनेट में 20 पद पूरी तरह खाली पड़े हैं। इन रिक्त पदों को भरने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों के बीच जोरदार लॉबिंग चल रही है और कई दावेदार अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।

दिल्ली दौरे की तैयारी और सत्र की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कार्यक्रमों को देखें तो वे 18 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का रुख कर सकते हैं। वहां उनका मुख्य एजेंडा पार्टी आलाकमान से मुलाकात कर कैबिनेट विस्तार को अंतिम रूप देना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विधानसभा सत्र को सुचारू रूप से चलाना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है। राज्य में आगामी 6 अगस्त से विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है। उन्होंने बताया कि पार्टी आलाकमान से समय मिलते ही वे दिल्ली जाएंगे और अगले तीन से चार दिनों के भीतर विस्तार की स्पष्ट तारीख सामने आ जाएगी।

कावेरी जल विवाद पर रुख

कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने कावेरी जल बंटवारे के संवेदनशील मुद्दे पर भी अपनी बात रखी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार कर्नाटक के किसानों के हितों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना और पानी छोड़ने के अदालती निर्देशों का पालन करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। सीएम ने बताया कि 15 जुलाई को कर्नाटक सरकार कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के सामने अपना पक्ष मजबूती से पेश करेगी, जिसके बाद ही पानी छोड़ने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सरकार का पिछला गठन

गौरतलब है कि 3 जून को डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। उसी दौरान जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उस समय कुल 12 विधायकों को भी मंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी। अब विस्तार के जरिए सरकार अपने अधूरे मंत्रिमंडल को पूर्ण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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