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3 घंटे पहले
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लखनऊ एयरपोर्ट पर बढ़ेगी विमानों की संख्या
लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट आगामी विंटर शेड्यूल के तहत अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर चुका है। हवाई अड्डे के सूत्रों ने मंगलवार को जानकारी दी कि आगामी विंटर सीजन में डेली फ्लाइट मूवमेंट को 108 से बढ़ाकर 134 किया जाएगा। यह नया शेड्यूल 25 अक्टूबर से प्रभावी होगा और 1 नवंबर तक पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा। इस विस्तार के जरिए यात्रियों को कुल 20 घरेलू और 10 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिसमें रियाद और अबू धाबी जैसे महत्वपूर्ण केंद्र भी शामिल हैं।
17 नवंबर से शुरू होगी बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान
लंबे समय से प्रतीक्षित बैंकॉक के लिए सीधी हवाई सेवा एक बार फिर शुरू होने जा रही है। थाई एयरएशिया द्वारा 17 नवंबर से इस रूट पर उड़ानें संचालित की जाएंगी, जो लखनऊ को बैंकॉक के डॉन मुआंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DMK) से सीधे जोड़ेगी। उड़ान के समय के बारे में जानकारी देते हुए सूत्रों ने बताया कि विमान रात 10:35 बजे बैंकॉक से लखनऊ पहुंचेगा और रात 11:30 बजे लखनऊ से बैंकॉक के लिए वापस उड़ान भरेगा। यह सेवा लखनऊ से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा विकल्प साबित होगी।
कोहरे की चुनौती से निपटने के लिए विशेष योजना
सर्दियों के मौसम में घने कोहरे और दृश्यता कम होने के कारण विमान सेवाओं पर पड़ने वाले असर को देखते हुए हवाई अड्डा प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हाल ही में एयरपोर्ट प्रबंधन ने एयरलाइन पार्टनर्स, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ मिलकर 'प्री-लो विजिबिलिटी प्रोसीजर' (LVP) पर एक अहम समन्वय बैठक आयोजित की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य खराब मौसम के बावजूद उड़ान संचालन को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखना है।
अन्य हवाई अड्डों की उड़ानों के लिए बना सहारा
लखनऊ हवाई अड्डे की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस साल जनवरी से अब तक अन्य हवाई अड्डों पर परिचालन में बाधा आने के कारण कुल 149 विमानों को लखनऊ डायवर्ट किया गया। इन विमानों की सुरक्षित लैंडिंग ने यह सिद्ध किया है कि विषम परिस्थितियों में भी लखनऊ एयरपोर्ट एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभर रहा है।
भू-राजनीतिक स्थितियों और एयरलाइंस के निर्णयों का प्रभाव
विमानों के प्रस्तावित विस्तार और फ्रीक्वेंसी में बदलाव पूरी तरह से एयरलाइंस द्वारा साझा किए गए कार्यक्रमों पर निर्भर करेगा। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि परिचालन की जरूरतों के अनुसार विमानों की संख्या और समय में आवश्यकतानुसार फेरबदल किया जा सकता है। इसके अलावा, पश्चिमी एशिया में जारी तनाव जैसी भू-राजनीतिक अस्थिरताएं भी भविष्य में उड़ानों के संचालन और समय-सारणी को प्रभावित कर सकती हैं।
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