बांग्लादेश में दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट रैंक: चीन और पाकिस्तान की चालों का भारत ने दिया कड़ा जवाब राष्ट्रीय राजनीति एक महीने पहले 59
भारत ने ढाका में अपने हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर कूटनीतिक स्तर पर बड़ी बाजी चली है, जिसका उद्देश्य चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देना है।

ढाका में भारत का मास्टरप्लान

ढाका में तैनात भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी को अब कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, यह फैसला दोनों देशों के बीच संबंधों को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है। शेख हसीना की सरकार के बाद मोहम्मद यूनुस और अब तारिक रहमान की सरकार के दौर में भारत अपनी कूटनीतिक पकड़ को और मजबूत करना चाहता है। यह बदलाव चीन और पाकिस्तान के लिए एक सीधा संकेत है कि भारत अपने पड़ोसी देश के साथ संबंधों को कितनी गंभीरता से ले रहा है।

दिनेश त्रिवेदी के कद बढ़ने के मायने

दिनेश त्रिवेदी कोई सामान्य राजनयिक नहीं हैं, बल्कि वे केंद्र में मंत्री रह चुके अनुभवी नेता हैं। उन्हें इसी साल अप्रैल महीने में ढाका भेजा गया था। कैबिनेट रैंक मिलने के बाद अब उन्हें बांग्लादेशी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ सीधे और उच्च स्तर पर बातचीत करने में अधिक सहूलियत होगी। हालांकि यह बदलाव टेबल ऑफ प्रेसिडेंस में कोई स्थायी परिवर्तन नहीं है, लेकिन कूटनीतिक गलियारों में यह एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

वीजा सेवा फिर से बहाल

भारत ने बांग्लादेश के नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा सेवा को फिर से शुरू करने का बड़ा ऐलान किया है। जुलाई 2024 के विद्रोह के बाद से यह सुविधा बंद थी। दिनेश त्रिवेदी ने घोषणा की है कि 28 जून से ढाका, राजशाही, चटगांव, सिलहट और खुलना सहित पांच केंद्रों से टूरिस्ट वीजा आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। फिलहाल मेडिकल इमरजेंसी के लिए वीजा सुविधा पहले से ही जारी थी।

चीन और पाकिस्तान की बढ़ी बेचैनी

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का हालिया चीन दौरा भारत के लिए चिंता का विषय रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश चीनी फाइटर जेट खरीदने की तैयारी में है, जो अतीत में पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए थे। 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान के चार दिवसीय ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इन्हीं जेट्स का जिक्र आया था। इसके अतिरिक्त, चीन की नजरें तीस्ता रिवर प्रोजेक्ट पर भी टिकी हैं, जिसे लेकर भारत बेहद सतर्क है।

ऐतिहासिक संदर्भ और विशेषज्ञ राय

कैबिनेट स्तर का दर्जा किसी राजदूत को मिलना दुर्लभ है, लेकिन इतिहास में ऐसा पहले भी हुआ है। इससे पहले वी के कृष्ण मेनन (यूके), दुर्गा प्रसाद धर, इंदर कुमार गुजराल और त्रिलोकी नाथ कौल (सोवियत संघ) तथा डॉक्टर एल एम सिंघवी (यूके) को भी कैबिनेट रैंक से सम्मानित किया गया था। जेएनयू के विशेषज्ञ अमिताभ मट्टू ने इस कदम की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री मोदी का एक रिफ्रेशिंग कूटनीतिक इनोवेशन बताया है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस नियुक्ति का स्वागत किया है।

भविष्य की रणनीति

भारत अपनी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत बांग्लादेश के साथ ट्रेड फैसिलिटेशन, एनर्जी एक्सचेंज और बॉर्डर मैनेजमेंट जैसे मुद्दों पर तेजी लाना चाहता है। नॉर्थ ईस्ट राज्यों तक कनेक्टिविटी के लिए ढाका का सहयोग भारत के लिए अहम है। आने वाले महीनों में दिनेश त्रिवेदी की इस नई भूमिका के प्रभाव देखने को मिलेंगे, जो दक्षिण एशिया में चीन की चेकबुक डिप्लोमेसी को काउंटर करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप