महाराष्ट्र
एक दिन पहले
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अमरावती में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां धारणी तहसील स्थित एक आदिवासी आश्रम स्कूल के लगभग 60 से 70 छात्र अचानक बीमार पड़ गए। इस घटना से स्थानीय प्रशासन और अभिभावकों के बीच भारी चिंता का माहौल बन गया है। प्रारंभिक जांच में इस बात की प्रबल आशंका जताई जा रही है कि शनिवार की शाम को स्कूल में परोसा गया भोजन छात्रों की तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण बना। भोजन करने के कुछ ही समय बाद छात्रों को घबराहट महसूस होने लगी और उन्हें चक्कर आने के साथ ही उल्टियों की शिकायत शुरू हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख स्कूल के कर्मचारियों ने बिना देरी किए सभी प्रभावित छात्रों को धारणी के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
सांसद ने की मुलाकात और गंभीर आरोप
रविवार की सुबह अमरावती के सांसद बलवंत वानखड़े अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों के स्वास्थ्य की स्थिति की समीक्षा की और पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान छात्रों ने सांसद के सामने अपना दर्द बयां करते हुए गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि उन्हें अक्सर स्कूल में अधपका और खराब गुणवत्ता वाला भोजन परोसा जाता है। इन आरोपों ने स्कूल प्रबंधन द्वारा मुहैया कराए जा रहे भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की सक्रियता और विपक्ष का विरोध
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे वर्तमान में अमरावती जिले के अपने दो दिवसीय दौरे पर हैं। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि 60 से 70 प्रभावित बच्चों का उपचार शनिवार रात से ही चल रहा है और अधिकारी पूरी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। हालांकि, मंत्री के जिले में मौजूद होने के बावजूद अस्पताल न पहुंचने को लेकर विपक्ष ने तीखे सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि इतनी संवेदनशील घटना के समय मंत्री को स्वयं अस्पताल जाकर बच्चों और उनके परिजनों का ढाढस बंधाना चाहिए था।
मंत्री अदिति तटकरे का बयान
घटना को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा, मुझे कल रात ही इस घटना की जानकारी मिली। यह घटना एक आदिवासी आश्रमशाला में हुई है, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी बच्चे अब स्टेबल हैं। शुरुआती सूचना के अनुसार, यह भोजन एक सेंट्रल किचन से भेजा गया था। मैंने संबंधित आदिवासी विभाग के मंत्री से इस विषय पर चर्चा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन और जिलाधिकारी को भी निर्देश दिए गए हैं कि सेंट्रल किचन से आपूर्ति किए गए खाने की गहन जांच की जाए। अस्पताल में तैनात स्थानीय अधिकारी इलाज के दौरान और सुबह भी मौजूद थे। मेरी उनसे लगातार बातचीत हो रही है और सौभाग्य से सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
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