धार भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर खसरा नंबर 596 पर अदा हुई जुमे की नमाज, भारी पुलिस बल रहा तैनात मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रशासन ने खसरा नंबर 596 पर जुमे की नमाज संपन्न कराई। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और 900 सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अमल

मध्य प्रदेश के धार में चल रहे भोजशाला विवाद के बीच जिला प्रशासन ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। सुप्रीम कोर्ट से मिले निर्देशों के अनुपालन में प्रशासन ने खसरा नंबर 596 पर मुस्लिम पक्ष के लिए जुमे की नमाज की व्यवस्था की। यह स्थान भोजशाला के समीप स्थित है। स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर उठने के बावजूद प्रशासन की मौजूदगी में नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान भारी सुरक्षा घेरा बनाए रखा गया था, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।

वैकल्पिक स्थान का विवाद और कोर्ट का फैसला

भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले प्रशासन को मुस्लिम पक्ष के लिए जुमे की नमाज पढ़ने हेतु एक वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। जिला प्रशासन की ओर से शुरुआती दौर में ’40 पीर दरगाह’ समेत कुल तीन अलग-अलग स्थानों का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, मुस्लिम पक्ष की ओर से इन तीनों स्थानों को खारिज कर दिया गया। उनका कहना था कि ये जगहें भोजशाला से काफी दूर पड़ती हैं। दूरी के इस मसले पर मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान मिली अनुमति के बाद प्रशासन ने खसरा नंबर 596 को नमाज के लिए तय किया।

प्रशासन की तैयारी और स्थानीय आपत्ति

नमाज के लिए खसरा नंबर 596 को तैयार करने का काम प्रशासन के लिए आसान नहीं था। जब प्रशासन की टीमें वहां पहुंचीं और नमाज के लिए तैयारियां शुरू कीं, तो स्थानीय निवासियों ने इसका जोरदार विरोध किया। विरोध करने वाले लोगों का दावा था कि यह जमीन निजी स्वामित्व वाली है। स्थिति को बिगड़ते देख प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और नाराज लोगों से बातचीत की। लोगों को समझाने के बाद, प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की सहायता से जमीन के उस हिस्से को समतल किया ताकि वहां नमाज अदा की जा सके।

सरकारी जमीन होने का दावा

जमीन के मालिकाना हक को लेकर उठ रहे विवादों के बीच धार के एसडीएम राजकुमार हलधर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन केवल सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेशों का अक्षरश: पालन कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि खसरा नंबर 596 पूरी तरह से सरकारी जमीन है और इसी आधार पर यहां नमाज की अनुमति दी गई है।

900 जवानों का सुरक्षा घेरा

कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस और प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। एडिशनल एसपी विजय डावर ने जानकारी दी कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 900 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। नमाज के समय और उसके बाद भी भोजशाला के आसपास के इलाकों और शहर के संवेदनशील हिस्सों में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि प्रशासन किसी भी कीमत पर शहर की शांति व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देगा। नमाज पूरी होने के बाद मौला कमाल वेलफेयर सोसाइटी के सदर अब्दुल समद ने शांतिपूर्ण प्रक्रिया के लिए जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार प्रकट किया। फिलहाल धार शहर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और सामान्य जनजीवन बना हुआ है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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