उत्तर प्रदेश
2 महीने पहले
71
विचारों
वेनेजुएला से लौटा शव और परिवार का दर्द
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने मर्चेंट नेवी में काम करने वाले एक नाविक के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। 33 वर्षीय राकेश चौहान, जो देवरिया के लगड़ा बाजार टोला यानी भगवानपुर के निवासी थे, की वेनेजुएला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मौत के करीब एक महीने बाद, जब 4 जून को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शव की स्थिति को देखकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने शिपिंग कंपनी पर राकेश की हत्या कर उनके अंगों की तस्करी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला
राकेश चौहान नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी के माध्यम से काम के सिलसिले में वेनेजुएला गए थे। वे अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे और आर्थिक रूप से घर का पूरा बोझ उन्हीं के कंधों पर था। वर्ष 2023 में ही उनका विवाह हुआ था और उनका महज 6 महीने का एक छोटा बच्चा भी है। राकेश की मौत की सूचना मिलने से पहले सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन एक फोन कॉल ने उनका खुशहाल संसार उजाड़ दिया। परिवार को मुंबई से सूचना मिली कि जहाज पर गिरने से राकेश घायल हो गए हैं और उनका इलाज चल रहा है। इसके अगले ही दिन सुबह बताया गया कि उनकी चोटें गंभीर हैं और बचने की उम्मीद बहुत कम है। देखते ही देखते शाम को उनकी मृत्यु की दुखद खबर परिवार तक पहुंच गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ डरावना खुलासा
जब राकेश का शव 4 जून की शाम देवरिया पहुंचा, तो स्थानीय डॉक्टरों की टीम ने पुलिस की उपस्थिति में शव को देखा, लेकिन पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना था कि शव का पोस्टमार्टम पहले ही किया जा चुका है, इसलिए बिना प्रशासनिक अनुमति के वे इसे दोबारा नहीं छू सकते। अंततः, जिला मजिस्ट्रेट के विशेष आदेश के बाद शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया। इस रिपोर्ट ने सभी को झकझोर कर रख दिया। रिपोर्ट में पाया गया कि राकेश के शरीर के अंदर मौजूद 21 महत्वपूर्ण अंग पूरी तरह गायब थे।
FSUI ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस मामले को लेकर फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। संस्था ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत में की गई आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक डरावनी सच्चाई सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, शरीर के अंदर ब्रेन, हार्ट, दोनों फेफड़े, लिवर, किडनी, स्प्लीन, पैंक्रियास, पेट, इंटेस्टाइन, थायरॉइड, हायोइड, लैरिंक्स और ट्रैकिया जैसे महत्वपूर्ण अंग नहीं थे। शरीर पर गर्दन से प्यूबिक सिम्फिसिस तक 22 टांके और कान से कान तक 21 टांके लगे हुए थे। साथ ही, शव को करीब एक महीने तक डीप फ्रीज में रखा गया था, जबकि मृत्यु से पूर्व शरीर पर किसी अन्य चोट के निशान नहीं मिले थे।
परिवार को न्याय की उम्मीद
पीड़ित परिवार का आरोप है कि राकेश की हत्या के बाद बड़ी योजनाबद्ध तरीके से उनके अंगों को निकाला गया है। परिवार ने जिला प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार, दिल्ली प्रशासन और भारतीय दूतावास से गुहार लगाई है कि इस मामले में शिपिंग कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। FSUI ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि नाविकों को इस तरह बलि का बकरा बनाया जाना कतई स्वीकार्य नहीं है। परिजन अब सिर्फ न्याय की मांग कर रहे हैं ताकि इस संदिग्ध मौत और अंग तस्करी के पीछे के दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
Comments
0 comment