देवघर बाबाधाम में सावन की तैयारी: एआई और ड्रोन से होगी सुरक्षा, स्पर्श पूजा पर रहेगा प्रतिबंध झारखंड एक घंटा पहले 2
बाबा बैद्यनाथ धाम में आगामी श्रावणी मेले के लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, साथ ही अर्घा के माध्यम से ही जलाभिषेक की सुविधा होगी।

श्रावणी मेले की भव्य तैयारियां

सावन के पावन महीने की शुरुआत होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेले की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। हर साल की भांति इस बार भी देश और दुनिया के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर बोलबम के जयघोष के साथ करीब 105 किलोमीटर की कठिन पैदल कांवड़ यात्रा पूरी करेंगे। इन श्रद्धालुओं का मुख्य उद्देश्य देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करना होता है। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि करोड़ों लोगों की आस्था का यह महापर्व बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

30 जुलाई से अर्घा के जरिए जलाभिषेक

श्रावणी मेले के दौरान मंदिर की पूजा पद्धति में बड़ा बदलाव किया जाता है। प्रशासन के अनुसार 30 जुलाई से बाबा मंदिर में अर्घा लगा दिया जाएगा, जिसके बाद स्पर्श पूजा पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि श्रद्धालु स्वयं बाबा बैद्यनाथ के शिवलिंग को स्पर्श करके जलाभिषेक नहीं कर पाएंगे। इसके बजाय, सभी भक्त अर्घा के माध्यम से ही जल अर्पित करेंगे। यह निर्णय हर वर्ष भीड़ को नियंत्रित करने और जलाभिषेक की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए लिया जाता है। सावन का महीना समाप्त होते ही यह प्रतिबंध हटा लिया जाएगा और पुरानी व्यवस्था पुन: लागू कर दी जाएगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन का पहरा

इस बार का श्रावणी मेला पहले की तुलना में अधिक तकनीक आधारित और हाईटेक होगा। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने का निर्णय लिया है। मेला क्षेत्र और मंदिर के आसपास लगे स्मार्ट कैमरे लगातार हर गतिविधि पर अपनी नजर बनाए रखेंगे। यदि किसी विशेष स्थान पर भीड़ अधिक जमा होती है या कोई संदिग्ध गतिविधि दर्ज होती है, तो कंट्रोल रूम में तैनात टीम को तत्काल अलर्ट मिल जाएगा। इससे सुरक्षा बल और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई कर सकेगी। इसके साथ ही, पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों को भी तैनात किया जा रहा है, जो ऊपर से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे।

इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी

सुरक्षा के इंतजामों को और भी अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे, फेस रिकॉग्निशन कैमरे और हाई-डेफिनिशन ड्रोन कैमरे सक्रिय रहेंगे। इन सभी आधुनिक उपकरणों का डेटा एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के माध्यम से चौबीसों घंटे मॉनिटर किया जाएगा। एआई आधारित यह सिस्टम न केवल भीड़ के प्रबंधन में काम आएगा, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने में भी जिला प्रशासन की मदद करेगा।

लॉकर सुविधा और प्रतिबंधित वस्तुएं

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में आधुनिक लॉकर, बेहतर बैरिकेडिंग, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा केंद्र, हेल्प डेस्क और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, बड़े बैग या अन्य प्रतिबंधित सामान लेकर प्रवेश करना पूरी तरह वर्जित रहेगा। प्रशासन ने सभी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन करें। प्रशासन के साथ सहयोग करने से ही करोड़ों लोगों की आस्था के इस महापर्व को शांतिपूर्ण और सफल बनाया जा सकेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!