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एक घंटा पहले
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विपक्ष की महारैली पर उठे सवाल
रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की अगुवाई में एक बड़ी महारैली का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना था। कांग्रेस ने इस आयोजन को लेकर 10 लाख लोगों के जुटने का बड़ा दावा किया था। हालांकि, आयोजन के बाद से ही भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अब शिवसेना के नेता आनंद दुबे ने भी इस पूरे आयोजन को एक विफल प्रदर्शन बताते हुए इस पर कड़ा प्रहार किया है।
केवल 50 से 60 हजार लोग ही पहुंच सके
शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने इस कार्यक्रम की विफलता का जिक्र करते हुए कहा कि INDIA गठबंधन की यह रैली पूरी तरह से फ्लॉप शो साबित हुई। दुबे ने अपने बयान में कहा कि जो लोग दावा कर रहे थे कि रैली में 10 लाख लोग आएंगे, वहां भारी तैयारियों के बावजूद मुश्किल से 50,000 से 60,000 लोग ही इकट्ठा हो पाए। उन्होंने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि ये बड़ी रैलियां वास्तव में देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवारों, अपनी संपत्ति और अपने राजनीतिक अस्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए आयोजित की जा रही हैं।
राहुल गांधी ने लगाए सरकार पर गंभीर आरोप
रामलीला मैदान में उपस्थित कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार देश के संविधान और लोकतंत्र को खत्म करने का काम कर रही है। राहुल गांधी ने दावा किया कि भारत में सालों से वोट चोरी किए जा रहे हैं और 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कड़ी आलोचना की और कहा कि उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं की, बल्कि उन्होंने देशद्रोह का काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार के शासनकाल में देश के किसान और मजदूर अपने हक से वंचित हैं।
भाजपा का दावा- मैदान का 40 फीसदी हिस्सा रहा खाली
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष की इस रैली का मजाक उड़ाते हुए कहा कि राहुल गांधी और उनकी टीम के 10 लाख लोगों के शामिल होने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए। पात्रा ने दावा किया कि रामलीला मैदान का 40 फीसदी हिस्सा खाली पड़ा था। उन्होंने कहा कि वहां लगाई गई 28,000 कुर्सियों में से लगभग 5 से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं। संबित पात्रा ने टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री बनने के लिए कड़ी मेहनत और पसीना बहाना पड़ता है, न कि केवल मंचों से भाषण देने से काम चलता है।
गिरिराज सिंह ने बताया विपक्ष का झूठ
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस रैली के जरिए विपक्षी दलों का झूठ जनता के सामने बेनकाब हो गया है। उन्होंने कहा कि 10 लाख लोगों के दावे की हकीकत यह थी कि रामलीला मैदान का आधा हिस्सा खाली पड़ा था। गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर अर्बन नक्सल जैसे व्यवहार का आरोप लगाया और कहा कि देश का युवा आज राष्ट्रवाद के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे कितने भी वोट चोरी के आरोप लगा ले, लेकिन जनता ने अब ऐसे दलों को वोट देना बंद कर दिया है।
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