क्या मिडटर्म चुनाव से पहले ही हार मान बैठे हैं डोनाल्ड ट्रंप? वीटो के इस्तेमाल पर दिया बड़ा बयान विश्व एक घंटा पहले 6
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजे आने से पहले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी जीत हासिल करती है, तो वे वीटो शक्ति का उपयोग करेंगे।

चुनाव से पहले ट्रंप की बदली रणनीति

अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। मतदान में अब केवल 24 घंटे का समय बचा है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने सबको हैरान कर दिया है। ट्रंप के तौर-तरीकों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वे पहले ही मान चुके हैं कि चुनावी मैदान में डेमोक्रेट्स का पलड़ा भारी रह सकता है। उन्होंने चुनाव परिणाम आने से पहले ही अपने अगले कदमों की रूपरेखा तैयार कर ली है।

खुद को बताया 'मिस्टर वीटो'

न्यूयॉर्क पोस्ट की पत्रकार मिरांडा डिवाइन के पॉडकास्ट पॉड फोर्स वन में बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भविष्य की राजनीति पर खुलकर चर्चा की। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने में सफल रहती है, तो वे उनके विधायी निर्णयों को रोकने के लिए अपनी राष्ट्रपति पद की वीटो शक्ति का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप ने कहा कि वे अपने प्रशासन के पिछले कामकाज को किसी भी कीमत पर विपक्षी पार्टी के हाथों खराब नहीं होने देंगे। इसी दौरान उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि अब वे मिस्टर वीटो बनने के लिए तैयार हैं।

टकराव और समझौते की संभावना

ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि वे डेमोक्रेट्स को अपनी योजनाओं और एजेंडे को नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे। उनकी योजना के मुताबिक, यदि विपक्षी पार्टी बहुमत के साथ सत्ता की ओर बढ़ती है, तो वे हर उस विधेयक को वीटो करेंगे जो उनकी सरकार की नीतियों के विपरीत होगा। हालांकि, ट्रंप को इस बात का भान है कि इससे राजनीतिक गतिरोध पैदा होगा।

उन्होंने आगे कहा कि शुरुआती दौर में दोनों पार्टियों के बीच कड़ा संघर्ष और टकराव देखने को मिल सकता है। जब डेमोक्रेट्स अपने प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजेंगे, तो वे उन्हें खारिज कर देंगे। डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि लगातार एक या दो महीने तक कामकाज ठप रहने के बाद विपक्षी सांसद खुद बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विधायी प्रक्रिया के रुकने से दोनों पक्षों का समय नष्ट होगा, जिसके कारण अंततः समझौते का रास्ता निकलना ही होगा। हालांकि, ट्रंप ने अपनी बातों के अंत में यह भी जोड़ा कि वे उम्मीद करते हैं कि ऐसी कठिन स्थिति नौबत ही न आए और वे चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करें।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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