दिल्‍ली पुलिस का ऑपरेशन चक्र: 72 घंटे में 185 वाहन बरामद, 46 शातिर चोर गिरफ्तार क्राइम 2 घंटे पहले 10
दिल्ली की पश्चिम जिला पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ते हुए महज 72 घंटों के भीतर 185 चोरी हुए वाहनों को बरामद करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के दौरान 46 वाहन चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

दिल्‍ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

राजधानी दिल्ली में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पश्चिम जिला पुलिस ने एक आक्रामक रुख अपनाया है। पुलिस ने ऑपरेशन चक्र 2.0 के माध्यम से वाहन चोरों के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने 72 घंटे के भीतर बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुल 185 चोरी हुए वाहनों को बरामद कर लिया है। पुलिस की इस मुस्तैदी से उन लोगों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है, जिनके वाहन चोरी हो गए थे।

ऑपरेशन चक्र 2.0 का दायरा

पश्चिम जिला पुलिस के डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी के अनुसार, इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य न केवल चोरी के वाहनों को बरामद करना था, बल्कि वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों को कानून के दायरे में लाना भी था। इस अभियान के तहत पुलिस ने सक्रिय रूप से वाहन चोरों की धरपकड़ की और उन तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। इस 72 घंटे लंबे चले अभियान में पुलिस को कुल 46 ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।

30 टीमों ने की घेराबंदी

इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए पुलिस ने एक व्यवस्थित रणनीति तैयार की थी। 21 अक्टूबर को शुरू हुए इस अभियान के लिए कुल 12 पुलिस स्टेशनों की करीब 30 टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में तैनात किया गया, जहां से वाहनों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। 24 अक्टूबर तक चले इस गहन अभियान में पुलिस ने संदिग्ध इलाकों की कड़ी घेराबंदी की और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की।

बरामद वाहनों का विवरण

पुलिस द्वारा बरामद किए गए 185 वाहनों में विभिन्न प्रकार की गाड़ियां शामिल हैं। इनमें से 117 स्कूटी और 65 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। खास बात यह है कि बरामद मोटरसाइकिलों में 17 हाई-स्पीड मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक तिपहिया वाहन और दो चार पहिया वाहन भी पुलिस ने अपनी हिरासत में लिए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बरामद वाहनों में से 91 वाहन विशेष रूप से पश्चिमी दिल्ली से चोरी किए गए थे, जबकि शेष 94 वाहन दिल्ली के अन्य अलग-अलग इलाकों से चुराए गए थे। इन सभी वाहनों के संबंध में संबंधित थानों को सूचना भेज दी गई है ताकि उनके मालिकों तक पहुंचा जा सके।

ट्रैक, ट्रेस और रिकवर की रणनीति

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस ने ट्रैक, ट्रेस और रिकवर की नीति का पालन किया। सबसे पहले पुलिस की टीमों ने उन स्थानों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जहां से वाहन चोरी हुए थे। संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया, फिर उनका पता लगाकर उन तक पहुंच बनाई गई और अंत में वाहनों की बरामदगी सुनिश्चित की गई। डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि यह रणनीति बेहद कारगर साबित हुई है और बहुत कम समय में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है।

मालिकों को वाहन लौटाने की प्रक्रिया

अब पुलिस के सामने बरामद वाहनों के असली मालिकों की पहचान करने और उन्हें वाहन सौंपने की जिम्मेदारी है। कानूनी औपचारिकताएं और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पुलिस जल्द ही इन वाहनों को उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। जिन नागरिकों की बाइक या स्कूटी पिछले कुछ समय में चोरी हुई थी, वे अब पश्चिम जिला पुलिस से संपर्क कर अपने वाहनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह ऑपरेशन दिल्ली पुलिस की अपराध पर नियंत्रण पाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और शहर के वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप