गूगल मैप पर आंख मूंदकर भरोसा पड़ा भारी, छत्तीसगढ़ में तालाब में गिरते-गिरते बची कार, ग्वालियर हादसे में भी सामने आई थी तकनीकी खामी छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 9
छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में गूगल मैप के बताए रास्ते पर चलने से एक बुजुर्ग कार चालक की जान खतरे में पड़ गई। उनकी कार तालाब में गिरने से बाल-बाल बची।

गूगल मैप के फेर में तालाब के पास पहुंची कार

डिजिटल दौर में रास्तों की जानकारी के लिए लोग गूगल मैप जैसे नेविगेशन ऐप पर बहुत ज्यादा निर्भर हो चुके हैं, लेकिन इस पर अंधा भरोसा करना कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसा ही एक डरावना मामला छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्राम निमधा से सामने आया है। यहां एक कार चालक गूगल मैप के दिशा-निर्देशों पर चलते हुए सीधे एक तालाब की मेड़ तक पहुंच गया। गनीमत यह रही कि चालक ने समय रहते अपनी सूझबूझ दिखाई और एक बड़ा हादसा टल गया।

निमधा से पेंड्रा लौटते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर के रहने वाले 52 वर्षीय नौसाद अहमद किसी काम के सिलसिले में ग्राम निमधा आए हुए थे। बीती रात जब वे वापस पेंड्रा जाने के लिए अपनी कार से निकले, तो उन्होंने अनजान रास्ते की जानकारी पाने के लिए अपने फोन में गूगल मैप शुरू किया। मंजिल तक पहुंचाने का दावा करने वाला यह ऐप उन्हें ऐसे रास्ते पर ले गया, जिसके आगे केवल तालाब की मेड़ थी।

रास्ते से अनजान होने के कारण नौसाद अहमद उसी दिशा में गाड़ी बढ़ाते चले गए। देखते ही देखते उनकी कार तालाब के मुहाने पर पहुंच गई और पानी में गिरने से बाल-बाल बची।

मुश्किल से कार से बाहर निकले नौसाद अहमद

हालात की गंभीरता को भांपते हुए नौसाद अहमद ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और किसी तरह कार को बंद किया। इसके बाद काफी मशक्कत करने के बाद वे वाहन से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस घटना में उनकी जान पर बन आई थी, लेकिन किस्मत अच्छी रही कि समय रहते गाड़ी रुक गई और वे हादसे का शिकार होने से बच गए। यह घटना एक बार फिर सचेत करती है कि अनजान रास्तों पर पूरी तरह तकनीक के भरोसे रहना कितना जोखिमभरा हो सकता है।

ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे में भी सामने आया था मैप कनेक्शन

डिजिटल नेविगेशन ऐप के कारण रास्ता भटकने या दुर्घटना होने का यह कोई अकेला मामला नहीं है। इससे पहले 17 अक्टूबर की रात को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर परिसर में भी एक भयानक हादसा देखने को मिला था। वहां ढलान से लुढ़का एक लोडिंग ट्रक अनियंत्रित होकर सीधे मंदिर के मुख्य गेट पर आ पहुंचा था।

उस भीषण हादसे में बेकाबू ट्रक ने वहां मौजूद 45 श्रद्धालुओं को रौंद दिया था। इस घटना में 16 लोगों की मौत हो गई थी और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

पुलिस पूछताछ में ट्रक ड्राइवर ने किया था खुलासा

ग्वालियर हादसे के तुरंत बाद पहले ट्रक के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद बीते दिन दूसरे ट्रक ड्राइवर मुख्त्यार सिंह ने थाने पहुंचकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।

पुलिस पूछताछ के दौरान मुख्त्यार सिंह ने बताया कि वे लोग भी पूरी तरह से गूगल मैप के सहारे ही वाहन चला रहे थे। गूगल मैप पर रास्ता पूरी तरह से क्लियर दिख रहा था। रास्ते में कहीं भी पुलिस जवान तैनात नहीं मिले थे जो उन्हें आगे के खतरे या ढलान की चेतावनी देते। दोनों ट्रक गूगल मैप के भरोसे ही शीतला माता मंदिर तक पहुंचे थे और ढलान से ठीक पहले उन्होंने गाड़ियां रोकी थीं, जिसके बाद यह दर्दनाक हादसा घटित हो गया था।

सफर के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान

तकनीक हमारी सुविधा के लिए है, लेकिन उस पर आंख मूंदकर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। अनजान क्षेत्रों में यात्रा करते समय कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं:

  • स्थानीय लोगों की लें मदद: अनजान या ग्रामीण इलाकों में रात के समय यात्रा करते समय केवल जीपीएस पर निर्भर न रहें, बीच-बीच में स्थानीय निवासियों से रास्ता पूछ लें।
  • सड़क के संकेतों पर रखें नजर: मैप का इस्तेमाल करते हुए भी सड़क के मुख्य संकेतों, संकरे रास्तों और ढलान का खुद ध्यान रखें।
  • शंका होने पर वाहन रोकें: यदि रास्ता बहुत सुनसान या असुरक्षित लगे, तो गाड़ी आगे बढ़ाने से पहले उतरकर स्थिति का जायजा लें।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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