दिल्ली के जंतर-मंतर पर बवाल: प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव और लाठी-डंडों से हमला, कई अधिकारी घायल भारत एक महीने पहले 44
राजधानी दिल्ली में पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के तीसरे दिन हालात हिंसक हो गए। जंतर-मंतर के पास उपद्रवियों ने पुलिस बल पर हमला कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं।

दिल्ली में हिंसक हुआ प्रदर्शन

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेपर लीक के विरोध में चल रहा प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन हिंसक रूप ले चुका है। जंतर-मंतर के पास टॉलस्टॉय मार्ग इलाके में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने वहां तैनात पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स यानी RAF की टीम पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में 2 एसीपी और 2 पुलिस इंस्पैक्टर समेत कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। घायल अधिकारियों में कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत और जय प्रकाश भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सुरक्षाकर्मी अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे, तभी भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। पत्थरबाजी के बाद प्रदर्शनकारियों ने लाठी और डंडों का इस्तेमाल कर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। फिलहाल, जंतर-मंतर के आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अब सीसीटीवी और अन्य फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है।

मोदी सरकार का विपक्ष को खुला ऑफर

एक तरफ सड़कों पर तनाव जारी है, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने मामले को शांत करने के लिए एक बड़ी पहल की है। मोदी सरकार ने संसद के भीतर नीट पेपर लीक मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करने के लिए विपक्ष को फिर से न्योता दिया है। सरकार ने विपक्ष को यह खुली छूट दी है कि वे स्वयं इस बात का निर्णय करें कि किस दिन और कितनी देर तक इस मामले पर सदन में चर्चा की जानी चाहिए। सरकार का स्पष्ट कहना है कि वे परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं। सरकार ने विपक्ष से यह भी कहा है कि यदि उनके पास सुधार के लिए कोई भी सुझाव है, तो वे उसे साझा करें, जिसे स्वीकार करने के लिए सरकार तैयार है।

विपक्ष का अडि़यल रुख और इस्तीफा

हालांकि, विपक्षी दल सरकार के इस प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं। उनका विरोध प्रदर्शन अभी भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर टिका हुआ है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में विपक्ष को भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी समय चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष उन राज्यों में पेपर लीक की बात क्यों नहीं करता जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं है।

सोनम वांगचुक के अनशन पर अपडेट

दूसरी ओर, पेपर लीक और छात्रों के समर्थन में अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने अस्पताल से एक वीडियो संदेश साझा किया है। इस संदेश में उन्होंने अपना अनशन खत्म करने के संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्होंने एक शर्त रखी है कि यदि सरकार छात्रों के खिलाफ किए गए बल प्रयोग को रोके और उनके ऊपर दर्ज मुकदमों को वापस ले, तो वे अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। इसके बावजूद सीजेपी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने पर अड़ी हुई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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