दिल्ली मेट्रो का बड़ा फैसला: कल बंद रहेंगे ये 16 स्टेशन, DMRC ने जारी की सूची दिल्ली एक महीने पहले 48
नीट पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसके तहत गुरुवार को 16 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे।

सुरक्षा को लेकर DMRC का सख्त कदम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहा प्रदर्शन लगातार हिंसक रूप लेता जा रहा है। जंतर मंतर पर हो रहे इस आंदोलन के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पिछले कई दिनों से जारी प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं। बुधवार की रात हुई झड़प में दो एसीपी और दो इंस्पेक्टर समेत कई पुलिस अधिकारी चोटिल हुए हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC ने बड़ा निर्णय लिया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को गुरुवार के दिन अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है।

गुरुवार को बंद रहने वाले स्टेशन

DMRC ने स्पष्ट किया है कि बुधवार के बाद गुरुवार को भी सुरक्षा के मद्देनजर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इन स्टेशनों पर सुबह 07:30 बजे से आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर केवल इंटरचेंज यानी लाइन बदलने की सुविधा जारी रहेगी। जिन स्टेशनों को बंद किया गया है, उनकी सूची इस प्रकार है:

  • लोक कल्याण मार्ग
  • राजीव चौक
  • पटेल चौक
  • रामकृष्ण आश्रम मार्ग
  • बाराखंभा रोड
  • सुप्रीम कोर्ट
  • सेवा तीर्थ
  • जनपथ
  • मंडी हाउस
  • सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
  • ITO
  • दिल्ली गेट
  • इंद्रप्रस्थ
  • खान मार्केट
  • जोर बाग
  • शिवाजी स्टेडियम

सोनम वांगचुक के अनशन पर सरकार की पहल

छात्रों के प्रदर्शन के बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर भी सरकार सक्रिय नजर आ रही है। सरकार द्वारा उनके अनशन को समाप्त कराने और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की थी। सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। वहीं, सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने कुछ शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार छात्रों पर किसी भी प्रकार का बल प्रयोग न करने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का लिखित भरोसा देती है, तो वे अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। अब सबकी निगाहें सरकार के आगामी जवाब पर टिकी हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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