देहरादून का 35 साल पुराना जायका: स्वाद और सेहत का संगम है ये खास नॉनवेज डिश उत्तराखंड 2 महीने पहले 46
देहरादून के घंटाघर के पास स्थित एक छोटा सा ठेला अपने अनोखे मटन खरोड़ा के लिए मशहूर है, जहां का स्वाद लोगों को बरसों से लुभा रहा है।

देहरादून में स्वाद का सफर

अगर आप देहरादून की ठंडी फिजाओं का लुत्फ उठा रहे हैं और खाने के शौकीन हैं, तो राजपुर रोड पर घंटाघर के पास मिलने वाला मटन खरोड़ा जिसे मटन पाया भी कहा जाता है, आपको जरूर चखना चाहिए। देहरादून अपनी कैफे संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन असली देसी और पारंपरिक स्वाद की तलाश आपको एक पुराने ठेले तक ले जाएगी।

सालों पुरानी विरासत

यह जगह पिछले 35 सालों से अपने ग्राहकों को एक खास स्वाद परोस रही है। राजू के इस ठेले पर बनने वाली डिश की खासियत यह है कि इसे आज भी उनके पिता के जमाने के खास घरेलू मसालों के इस्तेमाल से तैयार किया जाता है। भट्टी की धीमी आंच पर इसे घंटों तक उबाला जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी लजीज हो जाता है।

स्वास्थ्य और स्वाद का अनूठा मेल

यह डिश न केवल स्वादिष्ट है बल्कि सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद मानी जाती है। कई विशेषज्ञ और डॉक्टर भी कमजोर हड्डियों को मजबूती देने के लिए इस डिश का सेवन करने की सलाह देते हैं। यही वजह है कि यहां न केवल स्थानीय लोग बल्कि मसूरी की ओर जाने वाले पर्यटक भी रुककर इसका स्वाद लेना नहीं भूलते।

किफायती और लाजवाब विकल्प

यहाँ आप मात्र 150 रुपये प्रति प्लेट में इस बेहतरीन डिश का आनंद ले सकते हैं। मटन खरोड़ा के अलावा, यहाँ चिकन करी और अंडा करी का विकल्प भी मौजूद है, जो अपने बेहतरीन जायके के लिए लोगों के बीच खासे लोकप्रिय हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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