सीपीआई नेता अमरजीत कौर के पीएम मोदी पर दिए बयान से मचा बवाल, बीजेपी ने किया तीखा पलटवार भारत एक घंटा पहले 3
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए एक विवादास्पद बयान के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर बीजेपी ने माफी की मांग की है।

भारतीय राजनीति में विवादित बयानों का दौर लगातार जारी है। इस बार कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर के एक बयान पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। उन्होंने दिल्ली में आयोजित एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधते हुए एक विवादित बयान दिया है। इस टिप्पणी के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) हमलावर मोड में आ गई है और दोनों दलों के बीच तनातनी बढ़ गई है।

पीएम मोदी पर क्या था अमरजीत कौर का विवादित बयान?

दिल्ली की एक जनसभा में बोलते हुए सीपीआई की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अपने संबोधन में पीएम मोदी के उस पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कम्युनिस्टों और उनके लाल झंडों को देश के लिए खतरनाक बताया था। अमरजीत कौर ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी। उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बीजेपी ने किया तीखा पलटवार, बताई 'नक्सली सोच'

अमरजीत कौर के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने उन पर कड़ा प्रहार किया है। प्रदीप भंडारी ने इस बयान को देश विरोधी और नक्सली मानसिकता से प्रेरित बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया की नेशनल सेक्रेटरी अमरजीत कौर ने जिस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी की है, उससे स्पष्ट होता है कि भारत की जनता आखिर क्यों वामपंथियों और CPM जैसी पार्टियों से नफरत करती है। भंडारी ने इसे 'दिमागी नक्सली सोच' करार दिया और बीजेपी की तरफ से मांग की कि अमरजीत कौर को अपने इस बयान के लिए तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

माफी मांगने से अमरजीत कौर का साफ इनकार

बीजेपी के तीखे हमलों और चौतरफा दबाव के बावजूद सीपीआई नेता अमरजीत कौर अपने बयान पर अडिग हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि वे अपने बयान के लिए बिल्कुल भी माफी नहीं मांगेंगी। उन्होंने कहा कि वह अपनी बात पर पूरी तरह से कायम हैं। उनका तर्क है कि जब देश के प्रधानमंत्री खुले मंच से यह कह सकते हैं कि कम्युनिस्टों को समाप्त कर देना चाहिए, तो फिर उन्हें अपनी प्रतिक्रिया देने का पूरा अधिकार है। इस मुद्दे पर दोनों ओर के राजनेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।

कौन हैं अमरजीत कौर? जानिए उनका सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने वाली 74 वर्षीय अमरजीत कौर का वामपंथी आंदोलनों में एक लंबा और सक्रिय इतिहास रहा है। उनकी पृष्ठभूमि और राजनीतिक जीवन के मुख्य पड़ाव कुछ इस प्रकार हैं:

  • अमरजीत कौर ने एमएससी और एलएलबी की उच्च शिक्षा प्राप्त की है।
  • वह अपने छात्र जीवन से ही सीपीआई की छात्र राजनीति से जुड़ गई थीं।
  • वर्ष 1979 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने अखिल भारतीय छात्र संघ (AISF) की दूसरी महिला महासचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
  • वर्ष 1999 से लेकर 2002 तक वे राष्ट्रीय भारतीय महिला संघ की महासचिव भी रहीं।
  • ट्रेड यूनियन के स्तर पर सक्रिय रहते हुए उन्होंने वर्ष 1994 से 2018 तक AITUC की राष्ट्रीय सचिव के रूप में कार्य किया।
  • वर्ष 1972 में महंगाई और मूल्य वृद्धि के खिलाफ सीपीआई के एक आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें 10 दिनों के लिए जेल भी जाना पड़ा था।

पीएम मोदी का स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया भाषण

इस पूरे राजनीतिक टकराव की कड़ियां प्रधानमंत्री के उस भाषण से भी जुड़ती हैं जो उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर दिया था। बता दें कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि नक्सलवाद और माओवाद ने भारत के लाखों युवाओं का भविष्य तबाह कर दिया है। इसने देश के अनगिनत परिवारों के सपनों को तोड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा था कि आज हथियारों वाले नक्सलवादियों की तुलना में 'दिमागी नक्सली' देश के लिए कहीं अधिक बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में देश को इन खतरनाक दिमागी नक्सलियों से बचाना बेहद जरूरी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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