उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्चस्तरीय चर्चा में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने केवल कांवड़ यात्रा ही नहीं, बल्कि श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस और बारावफात जैसे आगामी पर्वों के दौरान कानून व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का गहन जायजा लिया। गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने वर्तमान स्थिति का ब्योरा दिया, जबकि मेरठ जोन के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के प्रबंधन पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
पूरे प्रदेश में एक समान सुरक्षा व्यवस्था का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि मेरठ जोन द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना को पूरे उत्तर प्रदेश के अन्य सभी पुलिस जोन में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा अब किसी एक सीमित क्षेत्र का आयोजन नहीं है, बल्कि यह रुहेलखंड, ब्रज, अवध, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत पूरे राज्य में बड़े स्तर पर मनाई जाती है। इसलिए, राज्य के हर जिले में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और सुरक्षा का मानक एक जैसा होना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थानीय कांवड़ संघों के साथ निरंतर संपर्क में रहने और शिविर संचालकों का समय रहते सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान और हरियाणा के अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के लिए कहा गया है ताकि कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन हो सके।
श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं पर जोर
कांवड़ यात्रा मार्ग को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन भी रास्तों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उनकी तत्काल मरम्मत पूरी की जानी चाहिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्गों पर प्रकाश के बेहतर इंतजाम, साफ-सफाई, पेयजल और शौचालयों की उपलब्धता अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख चिकित्सा शिविरों में एंटी वेनम और एंटी रैबीज जैसी जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक होना चाहिए। साथ ही, प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाने और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए भजनों के साथ जरूरी सूचनाएं प्रसारित करने का आदेश दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा और नियमों का सख्ती से पालन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा मार्ग के दौरान मांस और मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं। खाद्य पदार्थों में मिलावट या ओवररेटिंग जैसी शिकायतें मिलने पर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। हर दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। उन्होंने डीजे के उपयोग को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है और कहा है कि ध्वनि का स्तर तय मानकों के भीतर ही रहना चाहिए, किसी भी स्थिति में तेज शोर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग
प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग को बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाए और संदिग्ध लोगों पर पैनी नजर रखी जाए। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ-साथ भ्रामक खबरों का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, नदियों का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर घाटों पर सुरक्षा बढ़ाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को दुरुस्त रखने को कहा गया है। अंत में, उन्होंने सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी वीआईपी कार्यक्रम के कारण आम कांवड़ यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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