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4 घंटे पहले
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विवादित बयान के बाद बढ़ी कानूनी मुश्किलें
तमिलनाडु में राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल मच गई जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन द्वारा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी मां को लेकर की गई एक टिप्पणी ने तूल पकड़ लिया। इस बयान को अपमानजनक करार देते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक यानी DGP के समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि बीजेपी नेता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह पूरा मामला शनिवार को चेन्नई में बीजेपी के प्रदेश कार्यालय 'कमलालयम' में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। नैनार नागेंद्रन ने विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय द्वारा अपने पिता के बारे में बार-बार की जा रही चर्चाओं को लेकर तंज कसा था। नागेंद्रन ने मंच से विवादित शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि जिन्हें यह जानने की जिज्ञासा है कि 'उनके पिता कहां हैं', उन्हें विधानसभा में समय बर्बाद करने के बजाय घर जाकर अपनी मां से यह सवाल पूछना चाहिए। इस बयान के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से आग्रह किया है कि कार्यक्रम की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में जब्त किया जाए और मामले की गहन जांच की जाए।
कुट्टी कथई से शुरू हुआ राजनीतिक घमासान
इस विवाद की जड़ें अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद विधानसभा में दिए गए मुख्यमंत्री विजय के एक भाषण से जुड़ी हैं। विजय ने अपनी चिर-परिचित शैली में एक 'कुट्टी कथई' यानी छोटी कहानी के माध्यम से राजनीतिक कटाक्ष किया था। उन्होंने उदयनिधि स्टालिन के पिता और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन की विधानसभा में अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए उन पर निशाना साधा था। उस समय भी विजय के इस तंज को लेकर विपक्ष ने काफी हंगामा किया था और कई दलों ने उनकी आलोचना की थी। तब एमके स्टालिन की ओर से जवाब दिया गया था कि वे सदन में न होकर भी जनता के दिलों में बसते हैं।
बीजेपी के अंदर और बाहर विरोध के स्वर
नैनार नागेंद्रन की इस टिप्पणी ने पार्टी के भीतर ही उन्हें मुश्किल में डाल दिया है। पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने इस बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे राजनीतिक शिष्टाचार के विरुद्ध बताया है। अन्नामलाई का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वैचारिक मतभेद और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना पूरी तरह से उचित है, लेकिन किसी भी नेता के निजी जीवन और विशेष रूप से उनकी मां के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने इसे 'थर्ड-रेट' राजनीति की संज्ञा देते हुए कहा कि नई पीढ़ी के सामने इस तरह के उदाहरण पेश करना गलत है।
दूसरी ओर, तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने भी इस टिप्पणी को अत्यंत असभ्य करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विजय हमेशा अपने सहयोगियों को राजनीतिक मर्यादा और संयम बनाए रखने की सीख देते रहे हैं, बावजूद इसके कि उन पर व्यक्तिगत हमले किए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले विजय के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में डीएमके के विधायक मार्कंडेयन को गिरफ्तार किया गया था, जो दर्शाता है कि राज्य में अब इस तरह की बयानबाजी पर कड़ी कानूनी निगरानी रखी जा रही है।
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