भारत-चीन संबंधों में नई हलचल, प्रधानमंत्री मोदी से मिले चीनी विदेश मंत्री वांग यी विश्व 2 महीने पहले 88
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भी द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा की।

दिल्ली में बड़ी कूटनीतिक मुलाकात

भारत और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे तनावपूर्ण दौर को खत्म करने की दिशा में एक अहम पहल हुई है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद चीन ने भारत के साथ अपने रिश्तों को बेहतर बनाने और भविष्य का नया रोडमैप तैयार करने के संकेत दिए हैं।

सहयोग और भरोसे का नया दौर

प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में वांग यी ने स्पष्ट किया कि चीन अब भारत के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को जमीन पर उतारने का समय आ गया है। वांग यी के अनुसार, भारत और चीन को आपसी अविश्वास को पीछे छोड़कर गलतफहमियों को दूर करना होगा। उन्होंने संवेदनशील मुद्दों को समझदारी से संभालने और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को बढ़ावा देने की वकालत की।

ग्लोबल साउथ की भूमिका पर जोर

बैठक में यह चर्चा प्रमुख रही कि दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी और तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाएं होने के नाते, भारत और चीन को ग्लोबल साउथ के देशों के लिए मिसाल पेश करनी चाहिए। वांग यी ने कहा कि दोनों देश एकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी दोहराया कि चीन ब्रिक्स की अध्यक्षता में भारत की जिम्मेदारियों का पूरा समर्थन करेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ अहम बातचीत

प्रधानमंत्री से मिलने से पहले वांग यी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के राजदूत शू फीहोंग भी मौजूद थे। बैठक में इन बिंदुओं पर सहमति जताई गई:

  • द्विपक्षीय संबंधों में हालिया प्रगति की समीक्षा करना।
  • सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों को ऐसे तरीके से सुलझाना कि वे व्यापक संबंधों को प्रभावित न करें।
  • दोनों देशों की जनता के बीच बेहतर समझ विकसित करने के लिए प्रयास करना।
  • दीर्घकालिक और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ आपसी विकास के लक्ष्यों को हासिल करना।

चीन के राजदूत ने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी दी कि दोनों देश एक-दूसरे के मूल हितों का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरे को भारत और चीन के बीच जमे हुए कूटनीतिक रिश्तों में पिघलाव लाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप