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एक घंटा पहले
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बीजिंग में हुई शी जिनपिंग और तारिक रहमान की अहम मुलाकात
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अपनी चीन यात्रा के दौरान बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। यह मुलाकात उनके चार दिवसीय चीन दौरे का सबसे प्रमुख हिस्सा मानी जा रही है। दोनों नेताओं ने व्यापार, बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश और आपसी कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा की। इस चर्चा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशना है।
रक्षा सहयोग और हथियारों पर नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस दौरे के दौरान रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसी चर्चाएं हैं कि दोनों देशों के बीच 24 J-10CE लड़ाकू विमानों की खरीद और उन्नत ड्रोन तकनीक से जुड़े समझौतों पर बातचीत आगे बढ़ सकती है। यदि यह समझौता होता है, तो यह दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति के लिए एक बड़ा घटनाक्रम होगा, जिससे भारत की रणनीतिक चिंताएं स्वाभाविक रूप से बढ़ गई हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी जानकारी
प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रेस सचिव अतिकुर रहमान रुमोन के अनुसार, शुक्रवार की सुबह बीजिंग में शुरू हुई इस बैठक में बांग्लादेश से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों को शी जिनपिंग के सामने रखा गया। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता महदी अमीन ने स्पष्ट किया कि चर्चा का मुख्य केंद्र व्यापारिक लाभ, निवेश के नए अवसर और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना था। इससे पहले गुरुवार को तारिक रहमान ने चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग के साथ भी विस्तृत बातचीत की थी।
13 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर
चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग के साथ हुई बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में दो बड़े समझौतों और 13 समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों में तीस्ता नदी परियोजना के अलावा व्यापारिक विस्तार और बुनियादी ढांचा विकास जैसे विषय शामिल हैं। यह कदम बांग्लादेश और चीन की साझेदारी को भविष्य में एक नई मजबूती प्रदान करने वाला माना जा रहा है।
पहली विदेश यात्रा का महत्वपूर्ण चरण
तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर हैं। मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा संपन्न करने के बाद, वे सोमवार रात को चीन के डालियान पहुंचे थे। उनके इस दौरे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बारीकी से देखा जा रहा है, क्योंकि यह चीन के बढ़ते प्रभाव और बांग्लादेश की बदलती विदेश नीति को दर्शाता है।
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