सपनों की नौकरी: बादलों के बीच रहने के मिलेंगे 9 लाख रुपये, खाना और रहना भी बिल्कुल मुफ्त विश्व 3 घंटे पहले 2
चीन के लाओजुन माउंटेन पर बादलों के नजारों को कैमरे में कैद करने की एक अनोखी नौकरी निकली, जिसके लिए हजारों लोगों ने आवेदन किया। एक महीने के इस काम के लिए 9 लाख रुपये की भारी-भरकम सैलरी और मुफ्त आवास की सुविधा दी जा रही थी।

हम में से ज्यादातर लोग अक्सर एक ऐसी नौकरी का सपना देखते हैं जहां काम का दबाव बिल्कुल न हो, काम करने की जगह किसी जन्नत जैसी खूबसूरत हो और मिलने वाले पैसे भी बेहद शानदार हों। अगर इस काम के साथ-साथ रहने और खाने-पीने का पूरा खर्च भी मुफ्त हो, तो इसे सोने पर सुहागा ही कहा जाएगा। हाल ही में चीन से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया के नौकरीपेशा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यहां एक ऐसी अनोखी नौकरी का विज्ञापन निकाला गया, जिसके बारे में जानने के बाद लोग इस पर आवेदन करने के लिए टूट पड़े। इस नौकरी में केवल सुंदर प्राकृतिक नजारों का आनंद लेना था और इसके बदले में लाखों रुपये की मोटी सैलरी दी जा रही थी।

क्या है यह अनोखी नौकरी और कितनी है सैलरी?

यह अनोखा और आकर्षक अवसर चीन के हेनान प्रांत में स्थित प्रसिद्ध लाओजुन माउंटेन पर आया था। इस खूबसूरत पहाड़ी पर एक महीने के लिए एक क्लाउडस्केप ऑब्जर्वर यानी बादलों के नजारों की निगरानी करने वाले और उन्हें कैमरे में कैद करने वाले शख्स की आवश्यकता थी। समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर, बादलों के समंदर के बीच रहकर काम करने वाली इस नौकरी को सोशल मीडिया पर लोगों ने तुरंत सपनों की नौकरी घोषित कर दिया।

इस नौकरी की सबसे बड़ी खासियत इसकी सैलरी और मिलने वाली अन्य सुविधाएं थीं। इस काम को करने वाले व्यक्ति को एक महीने के लिए 60,000 युआन यानी लगभग 9 लाख रुपये की भारी-भरकम सैलरी का प्रस्ताव दिया गया था। इसके अलावा, वहां रहने और खाने का पूरा इंतजाम भी पूरी तरह से मुफ्त था। यानी इस नौकरी के दौरान चुने गए व्यक्ति को अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं थी।

नौकरी पाने के लिए लगी आवेदकों की लंबी कतार

जैसे ही इस नौकरी से जुड़ी जानकारी इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वैसे ही लोगों के बीच इसे पाने की होड़ मच गई। कई लोगों ने इसे फरिश्तों के देश की नौकरी कहा, जहां सिर्फ बैठकर कुदरत के हसीन नजारे देखने हैं। इस विज्ञापन के आने के महज एक हफ्ते के भीतर ही 3500 से अधिक लोगों ने इस पद के लिए अपना आवेदन जमा कर दिया। हर कोई इस सुनहरे मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहता था।

इतने सारे प्रतिस्पर्धियों और पेशेवर फोटोग्राफरों को पीछे छोड़ते हुए आखिरकार इस अनोखी नौकरी को हासिल करने में 23 साल के एक युवा व्लॉगर ने सफलता पाई। इस खुशकिस्मत युवक का नाम ली सिचेन है, जो सोशल मीडिया पर @xiaozao नाम के हैंडल से सक्रिय हैं। ई-कॉमर्स विषय में अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके ली सिचेन ने अपने बेहतरीन वीडियो और रचनात्मक कौशल के बल पर बड़े-बड़े मंझे हुए फोटोग्राफरों को भी पछाड़ दिया और लाओजुन माउंटेन के पहले आधिकारिक क्लाउडस्केप ऑब्जर्वर बनने का गौरव हासिल किया।

दिखने में आसान, लेकिन असलियत में चुनौतीपूर्ण था काम

भले ही यह नौकरी बाहर से देखने में बेहद आसान और सपनों जैसी लग रही थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसे करना उतना भी सरल नहीं था। ली सिचेन की यह नियुक्ति केवल एक महीने की अल्पावधि के लिए की गई थी और इस दौरान उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी। ली सिचेन की दिनचर्या हर रोज सुबह 5 बजे से शुरू हो जाती थी। सूर्योदय से पहले ही उन्हें अपने सारे भारी-भरकम कैमरे और उपकरण तैयार करने पड़ते थे ताकि वे सूरज की पहली किरण और बादलों के बदलते रूपों को कैद कर सकें।

पहाड़ों पर बदलते मौसम के साथ तालमेल बिठाना इस काम का सबसे कठिन हिस्सा था। ली को सूर्योदय के समय पहाड़ों पर बिखरने वाली खूबसूरत रोशनी और शाम के ढलते सूरज के दृश्यों को अलग-अलग एंगल से शूट करना होता था। इस काम के लिए केवल कैमरा चलाना ही काफी नहीं था, बल्कि उन्हें वीडियो बनाने, उसकी एडिटिंग करने, कलर ग्रेडिंग करने और ड्रोन उड़ाने जैसी कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करना पड़ता था। पहाड़ों की कठिन परिस्थितियों और लगातार बदलते मौसम के बीच इन सभी कामों को पूरी सटीकता के साथ करना एक बड़ी चुनौती थी।

काम पूरा होने के बाद मिला यह बड़ा फायदा

भले ही यह नौकरी केवल एक महीने में समाप्त हो गई, लेकिन इस नौकरी ने ली सिचेन के जीवन और उनके करियर को एक नई दिशा दे दी। लाओजुन माउंटेन पर काम करने के दौरान उनके बनाए गए खूबसूरत वीडियो और तस्वीरों ने इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं। इसका सीधा फायदा उनके सोशल मीडिया अकाउंट को हुआ। इस एक महीने के भीतर ही उनके व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर 6,000 से अधिक नए फॉलोअर्स जुड़ गए, जिससे उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई।

इस रोमांचक अनुभव और बढ़ी हुई लोकप्रियता के बाद भी ली सिचेन जमीन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि भले ही यह एक शानदार अनुभव था, लेकिन वे अब भी अपने भविष्य के लिए एक फुल-टाइम यानी पूर्णकालिक नौकरी की तलाश कर रहे हैं। वे सोशल मीडिया और व्लॉगिंग को केवल एक पार्ट-टाइम काम के रूप में ही जारी रखना चाहते हैं। इस अनोखी नौकरी की कहानी यह दर्शाती है कि रचनात्मकता और सही कौशल के दम पर आज के दौर में करियर के कितने नए और रोमांचक रास्ते खुल सकते हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप