एक ही गांव में 8 संदिग्ध मौतें, 21 लोगों की नरबलि का षड्यंत्र! कब्रें खोदकर शव निकाल रही पुलिस, बिलखते परिजन छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 3
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के एक गांव में चार महीनों के भीतर हुई 8 संदिग्ध मौतों ने हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक किराना दुकानदार ने खजाने के लालच में 21 लोगों की नरबलि की साजिश रची थी।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से सामने आई एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया है। आरोप है कि एक रहस्यमयी खजाने को पाने की चाहत में एक किराना दुकानदार ने 21 लोगों की नरबलि देने की भयावह साजिश रच डाली थी। प्रशासन अब इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटा है।

चार महीनों में आठ मौतों ने जगाया शक

जिले के कसडोल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खरवे गांव में बीते चार महीनों के दौरान 8 लोगों की मौत संदिग्ध हालात में हुई। शुरुआती दौर में इन मौतों को आम घटना मानकर अनदेखा किया गया, लेकिन जब एक के बाद एक लोगों की जान जाने का सिलसिला नहीं थमा तो गांववालों के मन में संदेह गहराने लगा। धीरे-धीरे पूरे गांव में यह चर्चा फैल गई कि इतनी मौतों के पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हो सकती है।

किराना दुकानदार पर खौफनाक साजिश का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक किराना दुकानदार रामसाय जायसवाल ने रहस्यमयी खजाना हासिल करने के लालच में तांत्रिक क्रियाओं और नरबलि का सहारा लिया। आरोप यह भी है कि उसने कुल 21 लोगों की बलि देने की योजना तैयार की थी। इसी कथित साजिश के तहत शराब में कोई नशीला या जहरीला पदार्थ मिलाकर लोगों को पिलाया जाता था।

शराब पीने के मिनटों बाद बिगड़ती तबीयत

गांववालों के मुताबिक, जिन लोगों की मौत हुई उन्होंने शराब पीने के कुछ ही मिनट बाद उल्टी, चक्कर, बेचैनी और तबीयत बिगड़ने की शिकायत की थी और इसके बाद उनकी जान चली गई। मृतकों में बुजुर्ग, मजदूर और गांव के दूसरे लोग शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि अब तक यह प्रमाणित नहीं हो सका है कि ये मौतें वाकई जहर या शराब में मिलावट के कारण ही हुई हैं।

कब्र खोदकर शव निकाल रही पुलिस

मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस और प्रशासन ने अपनी जांच तेज कर दी है। एक शव को कब्र से बाहर निकालकर परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है, जबकि बाकी शवों को भी निकालने की प्रक्रिया लगातार जारी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ विसरा और अन्य नमूनों की गहन जांच करेंगे ताकि मौत की असली वजह उजागर हो सके।

खजाने का लालच या महज संयोग?

इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सचमुच खजाने की तलाश में इतने लोगों की जान ली गई, या फिर यह सब केवल अफवाह और इत्तेफाक है। पुलिस ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रही है और आरोपों के केंद्र में बताए जा रहे व्यक्ति से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है। फिलहाल किसी भी आरोपी की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दहशत के साये में पूरा गांव

महानदी के किनारे बसे और 800 से ज्यादा की आबादी वाले खरवे गांव में इन मौतों के बाद डर का माहौल बना हुआ है। अब लोग खुलकर अपनी आशंकाएं सामने रख रहे हैं। पीड़ित परिवार चाहते हैं कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!