छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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कबीरधाम में सरकारी योजना का दुरुपयोग
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर आदिवासी परिवारों को निशाना बनाकर बड़ी धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह यानी PVTG श्रेणी में आने वाले बैगा जनजाति के 9 परिवारों को अपना शिकार बनाया गया है। सरकारी मदद के बहाने इन भोले-भाले लोगों से पैसे ऐंठने वाले दो ठेकेदारों के खिलाफ पुलिस ने कानूनी शिकंजा कस दिया है।
डेढ़ साल से घर का इंतजार
पीड़ित परिवारों ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया है कि उन्होंने करीब 18 महीने पहले अपने सपनों के घर के निर्माण के लिए इन ठेकेदारों को पैसे दिए थे। सरकारी योजना के तहत आवास मिलने की उम्मीद में उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई इन लोगों को सौंप दी, लेकिन इतने लंबे समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य या तो शुरू ही नहीं हुआ और यदि कुछ जगहों पर हुआ भी, तो उसे बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया। जब लाभार्थियों को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है, तो उन्होंने पुलिस की शरण ली। इस हफ्ते चिल्फी और तरेगांव जंगल थानों में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी यानी FIR दर्ज की गई है।
दो अलग-अलग मामले, एक ही पैटर्न
जांच में सामने आया है कि इस ठगी के तार दो अलग-अलग इलाकों से जुड़े हैं:
- चिल्फी पुलिस थाना क्षेत्र: बोडला विकासखंड के तहत आने वाली राजाधार ग्राम पंचायत के 5 लाभार्थियों ने ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इन 5 परिवारों से कुल 3.20 लाख रुपये लिए गए थे, लेकिन ठेकेदार ने लंबे समय तक निर्माण कार्य के नाम पर उन्हें टहलाया और काम पूरा नहीं किया।
- तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र: दूसरे मामले में ठेकेदार तुमेश गोड़ पर अमनारा ग्राम पंचायत के 4 लाभार्थियों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। इन परिवारों ने भी घर बनाने के लिए अग्रिम राशि दी थी, जो अब गायब है।
कुल मिलाकर इन 9 लाभार्थियों से 5.09 लाख रुपये की ठगी की गई है, जिससे इन गरीब परिवारों पर आर्थिक संकट के साथ-साथ रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है।
प्रशासन और सरकार का सख्त रुख
इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी तरह की धांधली या लापरवाही को सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार का मुख्य ध्यान विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) को मुख्यधारा में लाकर उन्हें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना है, जिसके तहत प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान यानी पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है। ऐसी योजनाओं के नाम पर की गई यह धोखाधड़ी न केवल एक अपराध है, बल्कि यह सरकारी मंशा पर भी प्रहार है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस पूरे घोटाले की गहन जांच कर रहा है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और ऐसे ठगों को सजा दिलाई जा सके।
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