छपरा में ग्रामीण सड़कों पर नहीं चलेंगे बालू के भारी ट्रक, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने दिए हाइट बैरियर लगाने के निर्देश बिहार एक महीने पहले 68
बिहार के सारण जिले में ग्रामीण सड़कों को टूटने से बचाने और अवैध बालू परिवहन पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। ग्रामीण सड़कों पर भारी व्यावसायिक वाहनों के चलने पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कई अहम जगहों पर हाइट बैरियर लगाए जाएंगे।

बिहार के सारण जिले में ग्रामीण सड़कों की सूरत सुधारने और उन्हें भारी वाहनों की वजह से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब छपरा के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से बालू ढोने वाले भारी और व्यावसायिक ट्रक नहीं दौड़ पाएंगे। सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने ग्रामीण सड़कों के संरक्षण, रखरखाव और भारी व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ सड़कों की सुरक्षा को लेकर कई कड़े फैसले लिए गए हैं।

सड़कों की सुरक्षा के लिए लगेंगे हाइट बैरियर

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर अत्यंत कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ग्रामीण सड़कों पर विशेष रूप से अवैध बालू के परिवहन में लगे भारी व्यावसायिक वाहनों के परिचालन को तुरंत और प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जाए। इसके लिए ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले चारों कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को एक विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में ऐसे उपयुक्त और संवेदनशील स्थलों की पहचान करने के लिए कहा गया है, जहां हाइट बैरियर लगाए जा सकें। जिलाधिकारी ने इन स्थानों की पहचान कर जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। इन चिह्नित स्थलों का पूरी तरह से तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा और उसके बाद तैयार सूची को ग्रामीण कार्य विभाग के पास भेजा जाएगा। आवश्यकतानुसार इन सड़कों पर बैरियर स्थापित कर दिए जाएंगे। इस पहल से न केवल ग्रामीण सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उनकी टिकाऊ क्षमता और कुल उम्र में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

एक हफ्ते में बनेगी नई सड़कों की सूची, जनप्रतिनिधियों से लिया जाएगा सुझाव

बैठक के दौरान जिले की सुलभ संपर्कता को बढ़ावा देने के लिए भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे नई ग्रामीण सड़कों के निर्माण से जुड़ी सूची को एक सप्ताह के भीतर तैयार करें और उनकी प्राथमिकताओं का निर्धारण करें। जिलाधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सड़कों की प्राथमिकता तय करते समय संबंधित जनप्रतिनिधियों से भी आवश्यक फीडबैक और सुझाव लिए जाएं। जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित के अनुरूप सही सड़कों का चयन करना आसान हो सकेगा।

इस पूरी योजना को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए सभी कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने प्रमंडल की ग्रामीण कार्य विभाग की सड़कों की एक पूरी और अद्यतन सूची सौंपने को कहा गया है। इन सड़कों की जमीनी सच्चाई और उनकी वास्तविक स्थिति की जांच करने के लिए ब्लॉक यानी प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों के माध्यम से एक स्वतंत्र सत्यापन कार्य भी कराया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

जलजमाव की समस्या से मिलेगी मुक्ति, जियो-टैग तस्वीरों के साथ बनेगी योजना

बरसात के मौसम में ग्रामीण सड़कों पर जलजमाव की समस्या एक बड़ी बाधा बनकर सामने आती है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने ग्रामीण सड़कों के उन सभी हिस्सों की सूची मांगी है जहां अक्सर पानी जमा हो जाता है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जियो-टैग तस्वीरों के साथ ऐसी जगहों की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं।

उन्होंने कहा कि जलजमाव वाले इन सभी संवेदनशील स्थलों पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा। वहां जल निकासी के उचित प्रबंध किए जाएंगे और पक्के नालों के निर्माण की एक मजबूत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस कदम से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को जलजमाव और कीचड़ से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

जमीन और स्थानीय विवादों का होगा त्वरित समाधान

बैठक में केवल सड़कों के रख-रखाव ही नहीं, बल्कि नई ग्रामीण सड़क परियोजनाओं के निर्माण में आ रही भूमि संबंधी और अन्य स्थानीय बाधाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं से कहा कि वे उन सभी लंबित परियोजनाओं की एक विस्तृत सूची तैयार करें जो किसी न किसी विवाद के कारण रुकी हुई हैं।

इन मामलों में तेजी लाने के लिए प्रशासन ने एक विशेष रणनीति बनाई है जिसमें इन कदमों को शामिल किया गया है:

  • लंबित परियोजनाओं में रुकावट डालने वाले सभी मामलों की सूची तैयार की जाएगी।
  • संबंधित अंचलाधिकारी को इन मामलों के त्वरित निपटारे के लिए लगाया जाएगा।
  • प्रखंड विकास पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से स्थानीय स्तर के विवादों का मौके पर ही जल्द समाधान कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग के सारण जिले के चारों प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे और सभी ने इस नई कार्ययोजना को तय समय सीमा में लागू करने की बात कही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप