हरियाणा
2 घंटे पहले
2
विचारों
हरियाणा में लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया जा रहा है। इस महाभियान के तहत राज्य के कोने-कोने में मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिशें की जा रही हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सूबे के लगभग सभी मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचा दिए गए हैं। चंडीगढ़ से मिली रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राज्य में अब तक 96 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को उनके प्रपत्र बांटे जा चुके हैं। इस काम में स्थानीय प्रशासन और चुनाव आयोग की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के आंकड़े
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, हरियाणा में कुल 1.99 करोड़ से अधिक मतदाताओं को यह गणना प्रपत्र बांटे जाने का लक्ष्य है। निर्वाचन विभाग अब तक कुल मतदाताओं के 96.43 प्रतिशत हिस्से तक इन प्रपत्रों को पहुंचाने में सफल रहा है। इनमें से करीब 1.22 करोड़ भरे हुए फॉर्म वापस भी मिल चुके हैं, जो कि कुल प्रपत्रों का लगभग 59.11 प्रतिशत है। इन सभी प्राप्त प्रपत्रों को बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने का काम तेजी से किया जा रहा है। फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में यह अभियान बेहद सक्रियता से चलाया जा रहा है।
कैसे काम कर रही है यह प्रक्रिया?
चुनाव आयोग के नए निर्देशों के तहत इस बार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने या उसे संशोधित कराने की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाया गया है। इस अभियान के तहत प्रत्येक नागरिक को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां दी जा रही हैं। मतदाताओं को इन दोनों प्रतियों में अपनी सभी आवश्यक और सटीक जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इसके बाद एक प्रति पर हस्ताक्षर करके उसे संबंधित BLO को वापस सौंपना होगा। दूसरी प्रति पर मतदाता को संबंधित BLO से हस्ताक्षरित प्राप्ति रसीद लेनी होगी, जिसे उन्हें अपने पास सुरक्षित रखना होगा। यह रसीद इस बात का प्रमाण होगी कि मतदाता ने अपना विवरण जमा कर दिया है।
21 जुलाई को जारी होगी मसौदा सूची, 14 जुलाई है अंतिम मौका
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने मतदाताओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं लोगों के नाम आगामी 21 जुलाई को प्रकाशित होने वाली मसौदा मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे, जिनके हस्ताक्षरित फॉर्म BLO को प्राप्त हो चुके होंगे। यदि कोई मतदाता समय पर अपना फॉर्म जमा नहीं करता है, तो उसका नाम इस मसौदा सूची से बाहर रह सकता है। उन्होंने सभी योग्य नागरिकों से अपील की है कि वे 14 जुलाई की अंतिम तिथि तक अपने सही विवरण के साथ फॉर्म अवश्य जमा कर दें और BLO से रसीद लेना न भूलें।
जमीनी स्तर पर आ रही हैं ये चुनौतियां
इस बड़े अभियान को अमली जामा पहनाने में जुटे बूथ लेवल अधिकारियों को जमीनी स्तर पर कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। BLO सुबह से लेकर देर रात तक लोगों के घरों के चक्कर काट रहे हैं ताकि सभी का फॉर्म समय पर भरा जा सके। हालांकि, सबसे बड़ी समस्या उन वोटरों के साथ आ रही है, जिनका रिकॉर्ड साल 2002 की मतदाता सूची में नहीं मिल पा रहा है। कई मामलों में मतदाताओं के माता-पिता का निधन हो चुका है, जिसके कारण पुराने रिकॉर्ड खंगालने और सत्यापन करने में काफी मुश्किलें आ रही हैं। इन तमाम बाधाओं के बावजूद चुनाव आयोग की टीम हर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।
Comments
0 comment