चंडीगढ़ में ओला की कैब और बाइक टैक्सी सेवा 6 महीने के लिए बंद, प्रशासन ने निलंबित किया लाइसेंस हरियाणा 2 दिन पहले 5
चंडीगढ़ प्रशासन ने 17 जून 2026 से मेसर्स एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (ओला कैब्स) का एग्रीगेटर लाइसेंस 6 माह के लिए निलंबित कर दिया है। एग्रीगेटर नीति का पालन न करने और नोटिसों का जवाब न देने पर यह कड़ी कार्रवाई की गई है।

चंडीगढ़ में ओला सेवाएं निलंबित

चंडीगढ़ में रोजाना कैब से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। शहर के प्रशासन ने ओला कैब और बाइक टैक्सी सेवा संचालित करने वाली कंपनी मेसर्स एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड का एग्रीगेटर लाइसेंस निलंबित कर दिया है। यह निलंबन 17 जून 2026 से प्रभावी होकर 6 माह की अवधि तक लागू रहेगा।

प्रशासन का आधिकारिक आदेश

चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चंडीगढ़ में कैब एवं बाइक टैक्सी सेवाएं चलाने वाली कंपनी मेसर्स एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, जिसे आमतौर पर ओला कैब्स के नाम से जाना जाता है, को प्रदान किया गया एग्रीगेटर लाइसेंस 17 जून 2026 से 6 माह की अवधि के लिए निलंबित किया जाता है।

कैब मालिकों को निर्देश

जिन कैब और बाइक टैक्सी चालकों ने अपने वाहन मेसर्स एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड यानी ओला के साथ पंजीकृत करा रखे हैं, उन्हें प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं। ऐसे सभी वाहन मालिकों को कहा गया है कि वे चंडीगढ़ की सीमा के भीतर इस कंपनी के तहत अपनी कैब या बाइक टैक्सी का परिचालन न करें और ओला ऐप्लिकेशन के जरिए किसी भी सवारी की बुकिंग स्वीकार न करें।

उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि इन निर्देशों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। नियम तोड़ने पर संबंधित वाहनों का चालान काटा जाएगा और वाहनों को जब्त भी किया जा सकता है।

जनता को सलाह

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए ओला ऐप्लिकेशन के माध्यम से कैब बुक करने से परहेज करें। यात्रा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन के कार्यालय में पंजीकृत अन्य वैकल्पिक ऐप्लिकेशनों का उपयोग करें।

कार्रवाई का कारण

सूत्रों के अनुसार, ओला कैब्स के विरुद्ध यह बड़ा कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि कंपनी ने एग्रीगेटर नीति को लागू नहीं किया और प्रशासन द्वारा भेजे गए नोटिसों का कोई जवाब भी नहीं दिया। बार-बार की अनदेखी के बाद चंडीगढ़ प्रशासन को यह सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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