चंडीगढ़ में दर्दनाक हादसा: इमारत ढहने से दो सगे रिश्तेदारों की मौत, जर्जर भवनों की जांच के लिए प्रशासन हुआ सतर्क हरियाणा 2 महीने पहले 79
चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में एक इमारत के नवीनीकरण के दौरान हुए हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन शहर की सभी असुरक्षित और जर्जर इमारतों का सर्वे कराने की तैयारी में जुट गया है।

चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) फेज-2 में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक इमारत के नवीनीकरण कार्य के दौरान उसका एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की जान चली गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए अब चंडीगढ़ का स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। प्रशासन ने पूरे शहर में स्थित असुरक्षित और खस्ताहाल इमारतों की पहचान के लिए एक बड़ा विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

मलबे में दबने से दो रिश्तेदारों की मौत

इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले दोनों व्यक्ति आपस में रिश्तेदार थे, जिनकी पहचान तरुण कौशिक और तरुण जैन के रूप में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे हादसे की जड़ में चल रहा निर्माण कार्य था। इस औद्योगिक प्लॉट को कुछ समय पहले ही तीन साझीदारों ने किराए पर लिया था। वे यहां पर अपनी एक नई व्यावसायिक एजेंसी शुरू करने की योजना बना रहे थे। इसी योजना के तहत इमारत के भीतर बदलाव और नवीनीकरण का काम चल रहा था। हादसे के वक्त भी कई मजदूर वहां काम में व्यस्त थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया।

मजदूरों का सुरक्षित रेस्क्यू और राहत कार्य

घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल तुरंत सक्रिय हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे राहत कर्मियों ने मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। इस दौरान मलबे के नीचे से पांच मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मलबे से सुरक्षित बचाए गए लोगों में निम्नलिखित श्रमिक शामिल हैं:

  • कुलदीप
  • कुलबीर
  • उमेश
  • राहुल
  • अजीत

इन सभी घायलों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के मुताबिक, वर्तमान में इन सभी मजदूरों की स्थिति स्थिर बनी हुई है और वे सभी खतरे से बाहर हैं।

प्रशासन की कड़ी जांच और लापरवाही पर नजर

इस हादसे के बाद प्रशासन ने पूरी घटना की गहनता से जांच करने के आदेश दिए हैं। अधिकारी इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि इमारत में किस तरह का बदलाव या तोड़-फोड़ की जा रही थी, जिसकी वजह से ढांचा कमजोर हुआ और पूरी इमारत का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया। इसके साथ ही इस पहलू की भी गंभीरता से जांच की जाएगी कि क्या इस निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी अथवा ठेकेदार या किसी अन्य स्तर पर कोई बड़ी लापरवाही बरती गई थी। हादसे के बाद तुरंत NDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और बचाव कार्य को सुचारू रूप से पूरा किया।

पूरे शहर में जर्जर इमारतों की पहचान के लिए विशेष अभियान

इंडस्ट्रियल एरिया में हुए इस गंभीर हादसे से सबक लेते हुए चंडीगढ़ प्रशासन अब कड़ा रुख अपनाने जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में असुरक्षित और जर्जर हो चुकी इमारतों को चिन्हित करने के लिए जल्द ही एक व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान की जिम्मेदारी एस्टेट कार्यालय की बिल्डिंग शाखा को सौंपी गई है।

यह टीम शहर के इन क्षेत्रों में व्यापक सर्वे करेगी:

  • आवासीय क्षेत्रों में
  • व्यावसायिक परिसरों में
  • औद्योगिक क्षेत्रों में

जो भी इमारतें इस सर्वे के दौरान जर्जर या असुरक्षित हालत में पाई जाएंगी, उनके मालिकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से न केवल भविष्य के संभावित हादसों को टाला जा सकेगा, बल्कि भवन मालिकों को भी अपनी संपत्तियों के रखरखाव के प्रति सजग बनाया जा सकेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप