चंडीगढ़ में बड़ा कांड: 661 करोड़ के घोटाले का आरोपी अस्पताल के बजाय होटल में कर रहा था ऐश, पुलिस ने 5 को दबोचा हरियाणा एक घंटा पहले 3
चंडीगढ़ में 661 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के आरोपी विक्रम वधवा को इलाज के बहाने जेल से बाहर लाया गया, लेकिन वह अस्पताल जाने के बजाय लग्जरी होटल में मिला। पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

अस्पताल की जगह होटल में हुई आरोपी की मौज

हरियाणा और चंडीगढ़ के चर्चित 661 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्य आरोपी विक्रम वधवा को इलाज के लिए जेल से बाहर लाया गया था, लेकिन पुलिस की सुरक्षा में अस्पताल ले जाने के बजाय उसे सीधे एक लग्जरी होटल में ले जाकर ठहरा दिया गया। जैसे ही चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की खबर लगी, पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस की टीम ने सेक्टर-17 स्थित होटल में छापेमारी की, जहां आरोपी आराम करता हुआ पकड़ा गया।

ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का अंदेशा

छापेमारी के दौरान मौके से पुलिस ने आरोपी विक्रम वधवा के साथ मौजूद लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने कुल 5 लोगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में ड्यूटी पर तैनात एसआई जगमेर और एएसआई सुरेश के नाम शामिल हैं। इसके अलावा आरोपी विक्रम वधवा का बेटा और उसके दो अन्य साथी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को ड्यूटी में गंभीर लापरवाही और मिलीभगत के स्पष्ट संकेत मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी का जेल से अस्पताल के रास्ते को बदलकर होटल ले जाना बिना पुलिस की मिलीभगत के मुमकिन नहीं था।

वरिष्ठ अधिकारियों ने शुरू की जांच

इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की सरकारी अनुमति मिली थी, लेकिन वह इस छूट का फायदा उठाकर अपने रिश्तेदार के होटल में जाकर रुक गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि आरोपी को अस्पताल न ले जाकर होटल ले जाने का फैसला किसने लिया और इस पूरी साजिश के पीछे और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।

गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी

फिलहाल, सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस विभाग ने इस मामले में रिपोर्ट तलब कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर इस मामले में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों की भूमिका पर बड़े सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि 661 करोड़ रुपये के घोटाले जैसे गंभीर आरोपी का इस तरह अस्पताल के बदले होटल पहुंच जाना प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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