ब्रिटेन: एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में बड़ी तकनीकी खराबी से हवाई सेवाएं ठप, करीब 300 उड़ानें हुई रद्द विश्व 2 घंटे पहले 6
ब्रिटेन की हवाई यातायात नियंत्रण प्रणाली में आई एक गंभीर तकनीकी गड़बड़ी के कारण देशभर में उड़ानों का परिचालन बुरी तरह लड़खड़ा गया है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हवाई यात्रा व्यवस्था में तकनीकी संकट

ब्रिटेन में मंगलवार का दिन हवाई यात्रियों के लिए काफी परेशानी भरा साबित हुआ। देश की हवाई यातायात नियंत्रण प्रणाली में आई अचानक तकनीकी खराबी ने पूरे हवाई नेटवर्क को प्रभावित कर दिया है। इस तकनीकी बाधा की वजह से लगभग 300 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जिससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर ही फंस गए। उड़ानों की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 ने इस व्यापक व्यवधान की पुष्टि की है।

मरम्मत कार्य जारी

ब्रिटेन की राष्ट्रीय हवाई यातायात सेवा, जिसे NATS के नाम से जाना जाता है, ने मंगलवार दोपहर को इस तकनीकी समस्या की आधिकारिक जानकारी दी। संस्था का कहना है कि उनके इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ सिस्टम की खामियों को फौरन ठीक करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। NATS के अनुसार, इस खराबी का सबसे अधिक प्रभाव उड़ानों के प्रस्थान यानी टेक-ऑफ पर पड़ा है, जिससे हवाई संचालन का पूरा समय-चक्र गड़बड़ा गया है।

सामान्य स्थिति बहाल होने में लगेगा वक्त

हालांकि तकनीकी टीम समस्या सुलझाने में जुटी है, लेकिन NATS ने आगाह किया है कि हवाई यातायात को पूरी तरह सामान्य स्थिति में लौटने में अभी और समय लग सकता है। इस अनिश्चितता के कारण यात्रियों को उड़ानों में लंबी देरी और अंतिम समय में रद्दीकरण जैसी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख एयरलाइंस पर बुरा असर

फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के मुताबिक, तकनीकी गड़बड़ी का असर केवल एक या दो कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ब्रिटिश एयरवेज और ईजीजेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस की उड़ानों पर भी इसका बड़ा प्रभाव देखा गया है। अचानक आए इस संकट से निपटने के लिए एयरलाइंस कंपनियां भी संघर्ष करती दिखीं।

यात्रियों का अनुभव और सोशल मीडिया पर नाराजगी

हवाई अड्डों पर मौजूद यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपना गुस्सा और निराशा जाहिर की है। कई यात्रियों की शिकायत है कि उड़ान रद्द होने की सूचना मिलने से पहले उन्हें घंटों तक विमान के अंदर रनवे पर ही बैठे रहना पड़ा। इसके अलावा, एयरलाइंस की तरफ से सही जानकारी न मिलने को लेकर भी यात्रियों ने काफी नाराजगी व्यक्त की है।

किन हवाई अड्डों पर दिखा सबसे अधिक असर

इस तकनीकी व्यवधान की चपेट में देश के कई महत्वपूर्ण हवाई अड्डे आए हैं। इनमें लंदन के स्टैनस्टेड और सिटी एयरपोर्ट के अलावा मैनचेस्टर, बर्मिंघम, गैटविक और स्कॉटलैंड के विभिन्न हवाई अड्डे शामिल हैं। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पूरी जानकारी ले लें।

यूरोप तक फैली असर की लहर

ईजीजेट जैसी बजट एयरलाइंस ने स्वीकार किया कि उनके कई विमान उड़ान भरने में असमर्थ रहे। इस सिस्टम खराबी का असर केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे यूरोप में उड़ानों की आवाजाही पर इसका बुरा असर पड़ा है। हीथ्रो एयरपोर्ट की वेबसाइट पर भी दर्ज आंकड़ों के अनुसार, यूरोप के कई गंतव्यों के लिए जाने वाली छोटी दूरी की उड़ानें या तो रद्द कर दी गईं या उनमें काफी देरी दर्ज की गई। फिलहाल, इस बड़ी तकनीकी खामी के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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