कपिल शर्मा के कैफे पर गोलीबारी मामला: कनाडा पुलिस ने दो आरोपियों पर तय किए आरोप मनोरंजन एक घंटा पहले 4
कनाडा के सरे शहर में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई गोलीबारी और एक अन्य हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। पुलिस ने एक साल से अधिक की गहन जांच के बाद परदीप सिंह और सवीर खान को गिरफ्तार किया है।

कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे से जुड़ी बड़ी कार्रवाई

कनाडा के सरे शहर में स्थित कॉमेडियन कपिल शर्मा का कैफे पिछले काफी समय से सुरक्षा कारणों और हिंसक घटनाओं के चलते चर्चा का विषय बना हुआ था। अब इस पूरे प्रकरण में कनाडाई प्रशासन और पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग एक साल से चल रही जांच के बाद पुलिस ने गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में शामिल दो युवकों के खिलाफ आधिकारिक तौर पर आरोप तय किए हैं। इन घटनाओं ने न केवल स्थानीय निवासियों को भयभीत किया था बल्कि सोशल मीडिया पर भी इनके वीडियो जमकर वायरल हुए थे।

दो युवकों की हुई गिरफ्तारी

ब्रिटिश कोलंबिया की प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि परदीप सिंह और सवीर खान के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन दोनों आरोपियों को 1 नवंबर को सरे से गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में दोनों व्यक्ति पुलिस हिरासत में हैं और जल्द ही उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। उन पर दोनों गोलीबारी की घटनाओं में लापरवाही से हथियार चलाने के दो-दो आरोप लगाए गए हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत, इन आरोपों को अब अदालत में सिद्ध किया जाना बाकी है।

गोलीबारी की घटनाओं का विवरण

कनाडाई मीडिया संस्थान द कैनेडियन प्रेस के अनुसार, ये आपराधिक घटनाएं 12 अक्टूबर 2025 और 16 अक्टूबर 2025 के बीच हुई थीं। कपिल शर्मा के कैफे, जिसे कप्स कैफे के नाम से जाना जाता है, उस पर 16 अक्टूबर 2025 को हमला हुआ था। राहत की बात यह रही कि हमले के समय प्रतिष्ठान बंद था और वहां मौजूद दो कर्मचारी सुरक्षित बच गए। इससे चार दिन पहले, 12 अक्टूबर को 103ए एवेन्यू के 13000 ब्लॉक में स्थित एक आवासीय घर को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इन दोनों घटनाओं के आपस में जुड़े होने की संभावना को देखते हुए जांच की कमान प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स को सौंप दी गई थी। इस पूरी कार्रवाई में सरे पुलिस सेवा और ब्रिटिश कोलंबिया की संयुक्त विशेष प्रवर्तन इकाई ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जांच का लंबा सफर और पुलिस का रुख

आरसीएमपी के वरिष्ठ अधिकारी और चीफ सुपरिंटेंडेंट डंकन पाउंड ने बताया कि इस मामले की जांच एक साल से अधिक समय तक जारी रही। इस अवधि में पुलिस ने तलाशी वारंट, न्यायिक अनुमति प्राप्त करने और साक्ष्यों का बार-बार विश्लेषण करने जैसे जटिल कार्य किए। डंकन पाउंड ने स्वीकार किया कि इन हिंसक घटनाओं के कारण स्थानीय समुदाय में काफी असुरक्षा की भावना पैदा हो गई थी। उन्होंने कहा कि ये गिरफ्तारियां और आरोप इस बात का प्रमाण हैं कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां जबरन वसूली और उससे जुड़ी हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर काम कर रही हैं।

टास्क फोर्स का गठन और पृष्ठभूमि

हालांकि पुलिस ने फिलहाल इन हमलों के पीछे किसी स्पष्ट जबरन वसूली की मांग का खुलासा नहीं किया है और न ही आरोपियों की राष्ट्रीयता को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 की घटनाओं से पहले भी कप्स कैफे को दो बार निशाना बनाया जा चुका था, जिसके फुटेज सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हुए थे। उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश कोलंबिया सरकार ने सितंबर 2025 में इस विशेष प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स का गठन किया था। आरसीएमपी के नेतृत्व वाली यह इकाई राज्य में जबरन वसूली से संबंधित अपराधों पर लगाम लगाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्य कर रही है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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