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2 घंटे पहले
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अभिनय की दुनिया के दिग्गज
बॉलीवुड और टीवी जगत में कई ऐसे कलाकार रहे हैं, जो मुख्य भूमिकाओं में न होने के बावजूद अपनी मौजूदगी से पूरी फिल्म का रुख बदल देते थे। सतीश शाह एक ऐसे ही बेहतरीन अभिनेता थे, जिनकी कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय का हर कोई कायल था। 25 जून 1951 को मुंबई के एक गुजराती परिवार में जन्मे सतीश रविलाल शाह का अभिनय के प्रति जुनून बचपन से ही था। उन्होंने पुणे के FTII से अभिनय का प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
करियर की शानदार शुरुआत और मील का पत्थर
सतीश शाह ने 1970 के दशक में अपने अभिनय सफर की शुरुआत की। शुरुआती संघर्ष के दिनों में उन्होंने अरविंद देसाई की अजीब दास्तान और गमन जैसी फिल्मों में छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदार निभाए। उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ वर्ष 1983 में आई फिल्म जाने भी दो यारो साबित हुई। इस फिल्म में निभाया गया कमिश्नर डी'मेलो का किरदार आज भी दर्शकों को गुदगुदाता है, जिसमें उनके मृत शरीर के साथ फिल्माए गए दृश्य सिनेमा के इतिहास में दर्ज हो गए हैं।
टीवी पर दिखाया बहुमुखी प्रतिभा का नमूना
सतीश शाह ने टेलीविजन पर अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया जो शायद ही कोई दूसरा अभिनेता कर सके। वर्ष 1984 में आए प्रसिद्ध शो ये जो जिंदगी है में उन्होंने एक-दो नहीं बल्कि 56 अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर सभी को हैरान कर दिया था। इसके बाद उन्होंने देख भाई देख, फिल्मी चक्कर और घर जमाई जैसे शोज से घर-घर में अपनी जगह बनाई। वहीं, साराभाई वर्सेस साराभाई में इंद्रवदन साराभाई के रूप में उनकी भूमिका आज भी लोगों की पसंदीदा बनी हुई है।
तीनों खान के साथ रची सफलता की कहानी
अपने लंबे करियर में सतीश शाह ने 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने बॉलीवुड के तीन सुपरस्टार्स के साथ कई यादगार फिल्में कीं:
- शाहरुख खान: दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कल हो ना हो, मैं हूं ना, चलते-चलते, भूतनाथ और ओम शांति ओम।
- सलमान खान: हम आपके हैं कौन और मुझसे शादी करोगी।
- आमिर खान: अकेले हम अकेले तुम और फना।
इनके अलावा राजा बाबू, बड़े मियां छोटे मियां, मोहब्बतें, कहो ना प्यार है और रमैया वस्तावैया जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपने अभिनय की छाप छोड़ी।
एक युग का अंत
अपने अभिनय कौशल से कॉमेडी की दुनिया में एक खास पहचान बनाने वाले सतीश शाह का 25 अक्टूबर 2025 को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके जाने से मनोरंजन जगत में जो रिक्त स्थान बना है, उसे भरना नामुमकिन है। वे अपनी कला और किरदारों के माध्यम से हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगे।
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