आशुतोष राणा ने बदला दर्शन का तरीका, अब घर बैठे मिलेगा 6D तकनीक से महाकाल और रामलला का साक्षात अनुभव मनोरंजन 2 महीने पहले 63
अभिनेता आशुतोष राणा ने दुर्लभ दर्शन के साथ मिलकर 6D वर्चुअल रियलिटी अनुभव पेश किया है, जिससे भक्त घर बैठे मंदिरों की आरती, सुगंध और वातावरण का वास्तविक अनुभव कर सकेंगे।

आध्यात्मिक यात्रा में तकनीकी क्रांति

अब श्रद्धालुओं के लिए देश के प्रमुख मंदिरों के दर्शन का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। अत्याधुनिक 6D वर्चुअल रियलिटी यानी VR तकनीक के माध्यम से भक्त अब बिना लंबी यात्रा किए घर बैठे या विशेष केंद्रों में मंदिरों के साक्षात अनुभव का आनंद ले सकेंगे। इस अनोखी पहल के साथ जाने-माने अभिनेता आशुतोष राणा जुड़ गए हैं, जो 'दुर्लभ दर्शन' प्लेटफॉर्म के ब्रांड एम्बेसडर और मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं।

क्या है यह 6D अनुभव

इस तकनीक के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष राणा ने कहा कि विज्ञान और धर्म का मिलन ही दुर्लभ दर्शन की नींव है। यह अनुभव केवल आंखों से दिखने वाले दृश्यों तक सीमित नहीं है। 6D तकनीक के जरिए भक्तों को वहां के वातावरण का अहसास होगा, जिसमें हवा का झोंका, जल की बूंदें और मंदिर में जलती धूप-बत्ती की सुगंध का भी अनुभव शामिल है। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं को उन मंदिरों से जुड़ी पौराणिक कथाओं और वहां की पूजा-पद्धति की जानकारी भी बहुत ही सरल भाषा में सुनने को मिलेगी।

1 जुलाई से शुरू होगा सफर

इस परियोजना का औपचारिक शुभारंभ 1 जुलाई से होने जा रहा है। शुरुआत में श्रद्धालु 'श्रीराम की अयोध्या' और 'उज्जयिनी के महाकाल' के 6D अनुभव का आनंद उठा पाएंगे। इन विशेष अनुभवों में आशुतोष राणा स्वयं प्रस्तोता की भूमिका में नजर आएंगे, जो उन पवित्र स्थानों के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट की स्क्रिप्ट को प्रसिद्ध लेखक आलोक श्रीवास्तव ने तैयार किया है।

देशभर में विस्तार की योजना

दुर्लभ दर्शन और TechXR Innovations के संस्थापक प्रशांत मिश्रा ने भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए बताया कि कंपनी का लक्ष्य पूरे भारत में 100 से अधिक 6D अनुभव केंद्र स्थापित करना है। फिलहाल, कई महत्वपूर्ण मंदिरों में ये केंद्र पहले से ही काम कर रहे हैं। इसके अलावा, मोबाइल VR किट के माध्यम से अब तक 60 से अधिक धार्मिक स्थलों का आभासी अनुभव पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है।

पूरी तरह स्वदेशी तकनीक

कंपनी का दावा है कि उनकी यह 6D VR तकनीक पूरी तरह से 'मेड इन इंडिया' है। इसका मुख्य उद्देश्य उन श्रद्धालुओं तक पहुंचना है, जो शारीरिक रूप से मंदिर तक नहीं पहुंच पाते या फिर अत्यधिक भीड़ के कारण दर्शन करने में असमर्थ रहते हैं। इस तकनीक के जरिए भक्तों को ऐसा महसूस होगा जैसे वे सीधे मंदिर के गर्भगृह में ही उपस्थित हों। यह पहल न केवल उन लोगों के लिए मददगार है जो दूर रहते हैं, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी है जो आध्यात्मिकता के साथ तकनीकी जुड़ाव की तलाश में हैं।

आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

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