इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज बढ़ाने के लिए अपनाएं ये 5 असरदार तरीके, बैटरी की उम्र भी बढ़ेगी ऑटो एक घंटा पहले 2
अगर आपके इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज कंपनी के दावों से कम है, तो ड्राइविंग स्टाइल और रखरखाव में बदलाव करके आप इसे आसानी से बढ़ा सकते हैं। इन 5 आसान सुझावों पर अमल करके आप एक बार चार्ज करने पर 20 से 40 प्रतिशत तक ज्यादा दूरी तय कर पाएंगे।

इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज बढ़ाने के कारगर उपाय

आजकल के दौर में इलेक्ट्रिक स्कूटर आम आदमी की जरूरत बनते जा रहे हैं। प्रदूषण मुक्त सफर, कम मेंटेनेंस और रोजाना चलने की कम लागत के चलते लोग पेट्रोल से इलेक्ट्रिक की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, ज्यादातर खरीदारों की एक आम शिकायत यह रहती है कि उनका स्कूटर कंपनी द्वारा बताई गई रेंज नहीं दे पाता है। असल में, ट्रैफिक की स्थिति, सड़क की बनावट, मौसम का मिजाज और चालक का ड्राइविंग स्टाइल रेंज पर सीधा असर डालते हैं। यदि आप भी अपने ईवी से ज्यादा माइलेज चाहते हैं और बैटरी को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो कुछ व्यावहारिक बदलाव बेहद जरूरी हैं।

स्मूथ और स्थिर ड्राइविंग पर दें जोर

इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाते समय आपकी ड्राइविंग शैली सबसे ज्यादा मायने रखती है। बार-बार अचानक एक्सीलरेटर तेजी से दबाने या जरूरत न होने पर भी झटके से ब्रेक लगाने से बैटरी की ऊर्जा बहुत तेजी से खर्च होती है। हमेशा धीरे-धीरे एक्सीलरेटर दबाने की आदत डालें और कोशिश करें कि स्कूटर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की स्थिर रफ्तार पर चलाएं। इसके अलावा, अपने स्कूटर में मौजूद रिजनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का सही उपयोग करें। इन छोटी आदतों में बदलाव करने से आपकी रेंज में 15 से 20 प्रतिशत तक का सुधार देखा जा सकता है।

टायरों में सही हवा का दबाव रखें

अक्सर लोग टायरों में हवा के दबाव को नजरअंदाज कर देते हैं, जो रेंज घटने का एक बड़ा कारण बनता है। अगर टायर में हवा कम होगी, तो सड़क पर घर्षण यानी रोलिंग रेजिस्टेंस बढ़ जाएगा, जिससे मोटर को गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ताकत लगानी पड़ेगी। इसका सीधा असर बैटरी की खपत पर पड़ता है। आपको हर हफ्ते टायरों में हवा चेक करवानी चाहिए और मैन्युफैक्चरर द्वारा निर्धारित PSI लेवल को मेंटेन रखना चाहिए। सही टायर प्रेशर रखने से न केवल आपकी रेंज 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, बल्कि टायर की लाइफ भी बेहतर होती है।

अनावश्यक वजन से बचें

स्कूटर पर बेवजह का सामान ढोना बैटरी की क्षमता पर बोझ डालता है। गाड़ी पर लगे भारी लॉकर या अनावश्यक सामान उतार दें। जितना वजन कम होगा, मोटर पर उतना ही कम दबाव पड़ेगा और बैटरी की खपत उतनी ही कम होगी। विशेषकर पहाड़ी रास्तों पर या लंबी यात्रा के दौरान वजन का प्रबंधन यानी वेट मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। रोजाना इस्तेमाल में सिर्फ उन्हीं चीजों को साथ रखें जिनकी आपको वास्तव में जरूरत है।

बैटरी और स्कूटर का नियमित रखरखाव

बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन का हृदय होती है, इसलिए इसका विशेष ख्याल रखना चाहिए। बैटरी को हमेशा 20 से 80 प्रतिशत के बीच चार्ज रखने की कोशिश करें, इसे पूरी तरह डिस्चार्ज (शून्य) होने से बचाएं। बहुत अधिक गर्मी या बहुत ज्यादा ठंड में स्कूटर को खुले में खड़ा करने के बजाय छायादार जगह पर पार्क करें। इसके अतिरिक्त हर 3 से 6 महीने में स्कूटर की सर्विसिंग करवाना सुनिश्चित करें। ब्रेक, चेन और सभी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन्स को समय-समय पर साफ करवाते रहें, ताकि मोटर और बैटरी पर अतिरिक्त लोड न पड़े।

ड्राइविंग मोड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स का समझदारी से उपयोग

ज्यादातर आधुनिक स्कूटर में अलग-अलग राइडिंग मोड मिलते हैं। यदि आप लंबी दूरी तय करना चाहते हैं, तो हमेशा इको या नॉर्मल मोड का ही चुनाव करें और स्पोर्ट मोड का इस्तेमाल सिर्फ तभी करें जब बहुत जरूरी हो। साथ ही, अनावश्यक इलेक्ट्रिकल लोड जैसे कि हेडलाइट या अन्य एक्सेसरीज का इस्तेमाल कम से कम रखें। लंबी दूरी की यात्रा पर निकलने से पहले रूट की प्लानिंग जरूर करें, ताकि आप कम भीड़-भाड़ वाले और सपाट रास्तों का चुनाव कर सकें। इन 5 सरल टिप्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर से 20 से 40 प्रतिशत तक अधिक रेंज प्राप्त कर सकते हैं और उसे लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रख सकते हैं।

सुमित बंसल पाबना के ऑटो एवं बिजनेस रिपोर्टर हैं, जो कार, बाइक और ऑटो उद्योग की खबरें कवर करते हैं। नई गाड़ियों के लॉन्च, फीचर्स, कीमत और ईवी जैसे बदलते रुझानों पर वे विस्तार से लिखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स खरीदारों को सही फैसला लेने में मदद करती हैं।

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