चंद्रपुर में चलती बस पर गिरा विशालकाय पेड़, 40 यात्रियों की बची जान महाराष्ट्र एक महीने पहले 65
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक बड़ा हादसा टल गया, जब चलती यात्री बस पर अचानक एक पेड़ गिर गया। ड्राइवर की सूझबूझ से बस में सवार सभी 40 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।

बल्लारपुर में हुआ बड़ा हादसा

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर इलाके में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चंद्रपुर से आदिलाबाद जा रही तेलंगाना राज्य परिवहन निगम की एक बस पर अचानक एक भारी-भरकम पेड़ आ गिरा। जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त बस में कुल 40 यात्री सवार थे। पेड़ की मोटी शाखाएं बस के अगले हिस्से के शीशे को चकनाचूर करते हुए अंदर तक धंस गईं। गनीमत रही कि चालक की त्वरित प्रतिक्रिया और सूझबूझ के चलते किसी भी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है और सभी सुरक्षित हैं।

पेड़ गिरने से मची अफरा-तफरी

यह दुर्घटना बल्लारपुर स्थित सरकारी अस्पताल के सामने मुख्य सड़क पर हुई। वहां मौजूद लोगों का कहना है कि अचानक एक जोर की आवाज के साथ पेड़ सड़क पर गुजर रही बस पर गिर गया। दृश्य इतना डरावना था कि यात्रियों की जान हलक में आ गई। हालांकि, सौभाग्य से किसी को भी गंभीर चोटें नहीं आई हैं। अचानक हुए इस हादसे से सड़क पर काफी देर तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।

चालक की सावधानी से टला बड़ा संकट

बस के चालक मल्लेश यादव ने इस भयावह पल को याद करते हुए बताया कि जैसे ही उन्हें पेड़ गिरने का आभास हुआ, उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत ब्रेक लगा दिए। ड्राइवर की इसी सतर्कता ने बस को सही समय पर रोक दिया, जिससे पेड़ का बड़ा हिस्सा बस के अगले हिस्से पर गिरा। यदि बस थोड़ी और आगे बढ़ी होती, तो पेड़ पूरी तरह से बस की छत पर आ गिरता, जिससे यात्रियों की जान को बड़ा खतरा हो सकता था।

तीन घंटे तक ठप रहा आवागमन

हादसे की वजह से चंद्रपुर और तेलंगाना को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर करीब 3 घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने मोर्चा संभाला और जेसीबी, क्रेन तथा कटर मशीनों की मदद से पेड़ को काटकर हटाया गया। लंबी मशक्कत के बाद सड़क साफ हो पाई और यातायात को सामान्य किया जा सका।

प्रशासन की लापरवाही का आरोप

स्थानीय निवासियों ने इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल की बाउंड्री वॉल बनाने के लिए सड़क किनारे गहरे गड्ढे खोदे गए थे, जिसकी वजह से पेड़ की जड़ें कमजोर हो गई थीं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में ठेकेदार और विभाग को पहले भी कई बार शिकायत की थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम के चलते भी स्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। महाराष्ट्र के मालशेज घाट में भी तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बाइक सवारों के फिसलने की घटनाएं सामने आई हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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