मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
राहुल गांधी पर उम्र को लेकर सीधा हमला
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल का दौर जारी है। इसी बीच, वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी आगामी 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम को लेकर उमा भारती ने सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें 'युवा' कहना पूरी तरह गलत है। उमा भारती ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अब बूढ़े हो चुके हैं और बुजुर्गों की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस उम्र में लोगों के घर में पोते-पोतियां हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें युवा करार देना तार्किक नहीं लगता। उमा भारती का स्पष्ट मानना है कि आज का युवा वर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही अपना आदर्श और नेता मानता है, न कि राहुल गांधी को।
मुख्यमंत्री मोहन यादव से हुई मुलाकात
राहुल गांधी पर बयान देने से पहले उमा भारती की मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। भोपाल में हुई यह मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली। हालांकि इसे एक शिष्टाचार भेंट और भाई-बहन की मुलाकात बताया गया है, लेकिन उमा भारती ने स्पष्ट किया कि इस दौरान मध्य प्रदेश से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई है। राज्य में विपक्षी दल के नेता जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह लगातार सरकार को घेर रहे हैं, जिसके मद्देनजर उमा भारती की यह सक्रियता काफी मायने रखती है।
उज्जैन के हनुमान मंदिर विवाद पर रुख
उज्जैन के चर्चित 'खड़े हनुमान जी मंदिर' विवाद पर बात करते हुए उमा भारती ने अपनी धार्मिक भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी स्वयं चमत्कार करने वाले देवता हैं और वह उनकी अनन्य भक्त हैं। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि अगर वह उस समय उज्जैन में मौजूद होतीं, तो वह स्वयं मंदिर के सामने खड़ी होकर अपना विरोध दर्ज करातीं। फिलहाल पीठ दर्द की समस्या से जूझ रहीं उमा भारती ने कहा कि संवैधानिक लोकतंत्र में ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक वर्ग के लिए मंदिर तोड़ दिए जाएं और दूसरी तरफ मस्जिद की सुरक्षा हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन और प्रशासन जनता की आस्था का पूरा सम्मान करेगा।
शराब कांड पर जनप्रतिनिधियों को घेरा
सागर में जहरीली शराब पीने से हुई 25 लोगों की मौत पर उमा भारती ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शराब पीना समाज के लिए हानिकारक है, लेकिन अवैध शराब का कारोबार रुकना चाहिए। इस मामले में उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उमा भारती के अनुसार, गांव के पंच-सरपंच से लेकर जिला पंचायत सदस्य, नगर परिषद के पार्षद, विधायक और सांसद तक, हर किसी की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर कड़ी नजर रखे। उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि आबकारी विभाग को क्षेत्र में चल रही 17 अवैध शराब की दुकानों की पूर्व जानकारी थी, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
अधिकारी और नेता की जवाबदेही
मुरैना और सागर जैसी घटनाओं में पुलिस अधीक्षकों (SP) पर गाज गिराने के मुद्दे पर उमा भारती ने तर्क दिया कि पहले जवाबदेही चुने हुए प्रतिनिधियों की तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनप्रतिनिधियों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई चुना हुआ प्रतिनिधि यह साबित कर दे कि उसने लिखित या मौखिक रूप से एसपी को अवैध शराब के कारोबार की जानकारी दी थी और उसके बाद भी एसपी ने कार्रवाई नहीं की, तभी उस अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। गौरतलब है कि राज्य में बालाघाट में 30 से ज्यादा बच्चों की कुपोषण से हुई मौत जैसे मुद्दों ने पहले ही सरकार के सामने चुनौतियां पेश कर रखी हैं।
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