भोपाल में ओला-उबर के खिलाफ टैक्सी चालकों का मोर्चा, किराया बढ़ाने की मांग; चेतावनी—बात नहीं मानी तो ठप होगी सेवा मध्य प्रदेश एक महीने पहले 35
भोपाल में ओला, उबर और रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ टैक्सी और ऑटो चालकों ने नाराजगी जताई है। घटते किराए और बढ़ती महंगाई से परेशान चालकों ने मांगें न माने जाने पर अनिश्चितकालीन सेवा बंद करने की चेतावनी दी है।

भोपाल में ओला, उबर और रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों को लेकर टैक्सी और ऑटो चालकों का गुस्सा अब खुलकर सतह पर आ गया है। लगातार कम होते किराए और लगातार बढ़ती महंगाई से जूझ रहे चालकों ने अब आंदोलन की राह पकड़ने की चेतावनी दे दी है। भोपाल टैक्सी चालक संघ ने प्रदेश के परिवहन मंत्री को ज्ञापन देकर एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी पर अंकुश लगाने और चालकों को उचित किराया दिलाने की मांग रखी है।

किराए में कटौती और बढ़ती लागत का दोहरा दबाव

भारतीय मजदूर संघ से जुड़े भोपाल टैक्सी चालक संघ का कहना है कि बीते कई वर्षों से एग्रीगेटर कंपनियां आपसी होड़ के चलते किराए में लगातार कटौती करती जा रही हैं। दूसरी तरफ पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम निरंतर ऊपर जा रहे हैं। इस वजह से वाहन चलाने की लागत तो बढ़ गई है, लेकिन आमदनी घटती चली जा रही है। संघ के मुताबिक इसका सीधा असर हजारों टैक्सी और ऑटो चालकों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है।

एग्रीगेटर कंपनियों पर मनमानी का आरोप

संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा और महामंत्री राजेश कुमार नागले का कहना है कि मौजूदा हालात में कई चालकों के लिए अपने परिवार का पेट पालना तक कठिन हो गया है। उनका आरोप है कि कंपनियां कम किराए पर सवारी देकर बाजार में प्रतिस्पर्धा तो तेज कर रही हैं, मगर इसका पूरा आर्थिक बोझ चालकों के कंधों पर डाल रही हैं।

टैक्सी चालक संघ ने सरकार से मांग की है कि राज्य सरकार द्वारा तय किराया दरों को सख्ती के साथ लागू कराया जाए। इसके साथ ही एग्रीगेटर कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे निर्धारित दरों से कम भुगतान न करें। संघ का कहना है कि कुछ कानूनी प्रावधानों का सहारा लेकर कंपनियां तय मानकों से कम किराए पर सेवाएं दे रही हैं, जिससे चालकों की कमाई लगातार प्रभावित हो रही है।

घटते किराए से वाहन चलाना मुश्किल

चालकों का कहना है कि महंगाई हर रोज बढ़ रही है, जबकि किराया हर महीने घटता जा रहा है। ऐसे में वाहन की ईएमआई, मेंटेनेंस, ईंधन और घरेलू खर्च निकाल पाना बेहद कठिन हो गया है। संघ ने आगाह किया है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो भोपाल में ऑटो और टैक्सी सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।

यात्रियों पर भी पड़ सकता है असर

चालकों का यह विरोध ऐसे समय उभरा है, जब शहर में रोजाना बड़ी संख्या में लोग ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में आंदोलन तेज होने की स्थिति में इसका असर आम यात्रियों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सबकी निगाहें राज्य सरकार और परिवहन विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे चालकों की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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