मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
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राजधानी भोपाल में पुलिस की सक्रियता और ईमानदारी का एक बेहतरीन उदाहरण सामने आया है। गोविंदपुरा पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर एक यात्री के कीमती जेवर और नकदी ढूंढ निकालकर मिसाल कायम कर दी। यह पूरा घटनाक्रम रानी कमलापति स्टेशन और ISBT के बीच का है, जहां एक यात्री अपनी जीवन भर की जमापूंजी ऑटो में ही छोड़ गया था।
आखिर हुआ क्या था
मिली जानकारी के मुताबिक, रायसेन जिले के बेगमगंज निवासी पूनम साहू किसी काम से भोपाल आए हुए थे। वह रानी कमलापति स्टेशन पर उतरे और वहां से ISBT जाने के लिए एक ऑटो में बैठ गए। उनके पास एक बैग था, जिसमें करीब 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नगदी रखी हुई थी।
पैरों तले खिसक गई जमीन
पूनम साहू जब ISBT पहुंचकर ऑटो से उतरे, तो जल्दबाजी में अपना बैग ऑटो के भीतर ही भूल गए। जब तक उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, तब तक ऑटो चालक वहां से रवाना हो चुका था। इतनी बड़ी रकम और कीमती जेवर खो जाने से वह सन्न रह गए और मानो उनके पैरों तले की जमीन ही खिसक गई।
पुलिस ने तुरंत संभाला मोर्चा
पूनम साहू ने बिना देर किए तुरंत गोविंदपुरा थाना पुलिस से संपर्क किया और थाना प्रभारी अवधेश तोमर को पूरी घटना से अवगत कराया। मामले की गंभीरता और जेवरों की कीमत को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। गोविंदपुरा पुलिस की टीम ने इलाके में अपनी सक्रियता बढ़ाई और अलग-अलग माध्यमों से ऑटो चालक की तलाश शुरू कर दी। तकनीकी मदद और दूसरे सूत्रों का सहारा लेते हुए पुलिस उस ऑटो चालक तक पहुंचने में कामयाब रही।
ऑटो चालक ने क्या बताया
सूचना मिलने के सिर्फ 12 घंटे के भीतर पुलिस ने ऑटो चालक को खोज निकाला। पूछताछ में ऑटो चालक ने बताया कि उसके ऑटो में एक बैग जरूर रखा है, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि उसके भीतर क्या सामान है।
बरामद हुए कीमती गहने
पुलिस ने बैग को अपनी कस्टडी में लिया। जांच करने पर बैग में करीब 10 तोला सोने-चांदी के आभूषण और नगदी मिली। बरामद किए गए इस पूरे सामान की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई।
सकुशल लौटाया गया सामान
पुलिस ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सारा सामान सुरक्षित रूप से फरियादी पूनम साहू को लौटा दिया। अपना खोया हुआ कीमती सामान वापस पाकर पूनम साहू ने गोविंदपुरा पुलिस की कार्यकुशलता और ईमानदारी की दिल खोलकर सराहना की।
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