भोपाल में नए गैस कनेक्शन पर 8 महीने से लगी है अघोषित रोक, 20 हजार आवेदनों का भविष्य अधर में मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 6
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मार्च 2026 से नए घरेलू गैस कनेक्शन पूरी तरह से ठप पड़े हैं, जिससे करीब 20 हजार परिवार परेशान हैं और मजबूरी में ब्लैक मार्केट से सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं।

गैस कनेक्शन के लिए भटक रहे उपभोक्ता

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में घरेलू गैस कनेक्शन लेना इन दिनों एक बड़ी चुनौती बन गया है। शहर में पिछले 8 महीनों से नए गैस कनेक्शन जारी करने पर अघोषित रोक लगी हुई है, जिसके चलते लगभग 20 हजार आवेदन अटके पड़े हैं। स्थिति यह है कि सरकारी पोर्टल से 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर का विकल्प ही गायब कर दिया गया है, जिसकी वजह से आम लोग चाहकर भी ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं। शहर की कुल 46 गैस एजेंसियों के चक्कर लगाकर लोग थक चुके हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी सकारात्मक जवाब नहीं मिल रहा है।

एजेंसियों पर सन्नाटा और मायूस लौटते लोग

भोपाल की सभी गैस एजेंसियों पर हर रोज औसतन 8 से 10 लोग नए कनेक्शन की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। अगर पिछले कुछ समय के आंकड़ों पर नजर डालें तो हालात की गंभीरता का पता चलता है। एक समय था जब इन एजेंसियों से रोजाना 150 से 200 नए कनेक्शन आसानी से मिल जाते थे, लेकिन अब पिछले 3 महीनों में स्थिति इतनी खराब है कि कुल मिलाकर 1000 कनेक्शन भी जारी नहीं हो पाए हैं। कई उपभोक्ताओं ने जब देखा कि मुख्य सिलेंडर नहीं मिल रहा, तो उन्होंने 5 किलो या 10 किलो के छोटे सिलेंडर लेने का मन बनाया, लेकिन दुर्भाग्य से वे विकल्प भी फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।

ब्लैक मार्केटिंग का शिकार हो रही जनता

नया कनेक्शन न मिल पाने के कारण शहर में आम परिवारों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। जो लोग मजबूर हैं, वे अब खुले बाजार में ब्लैक से सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। आम जनता को एक सिलेंडर के लिए 1800 रुपये से लेकर 2100 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है, जो उनके मासिक बजट पर सीधा प्रहार कर रहा है। बिना आधिकारिक सूचना के कनेक्शन बंद होने से उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है और वे किसी स्पष्ट जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

क्या है कनेक्शन रोकने की मुख्य वजह

बाजार में चल रही चर्चाओं और जानकारों का मानना है कि इस अघोषित रोक के पीछे दो प्रमुख कारण हो सकते हैं:

  • अनिवार्य बायोमेट्रिक e-KYC की प्रक्रिया को लागू किया जाना।
  • सरकार द्वारा PNG यानी पाइप वाली प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने की प्राथमिकता।

हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए विभाग की ओर से अब तक कोई भी औपचारिक घोषणा या स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इस अनिश्चितता के कारण हजारों परिवार अपने घरों में रसोई गैस की सुविधा पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और संबंधित अधिकारी अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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