मध्य प्रदेश में अब वर्दीधारी नौकरियों का बदलेगा पूरा पैटर्न, नए पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की तैयारी मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मध्य प्रदेश सरकार ने वर्दीधारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए एक नए पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की योजना बनाई है। अब फॉरेस्ट गार्ड, आबकारी और पुलिस जैसी सभी भर्तियां इसी एक बोर्ड के माध्यम से संचालित होंगी।

प्रदेश में पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की कवायद

मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब वर्दीधारी विभागों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक समर्पित 'पुलिस भर्ती बोर्ड' बनाने जा रही है। इस नए बोर्ड के गठन के बाद पुलिस विभाग के साथ-साथ अन्य सभी वर्दीधारी महकमों की नियुक्ति प्रक्रिया इसी के अधीन होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस पूरी प्रक्रिया को अधिक तीव्र, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव

इस नई व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव को आगामी जुलाई महीने में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस बोर्ड के सुचारू संचालन के लिए गृह विभाग ने शुरुआत में 200 पदों की मांग रखी थी, जिस पर विचार करते हुए वित्त विभाग ने फिलहाल 95 पदों के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद ही इस बोर्ड का औपचारिक गठन किया जाएगा और भविष्य की भर्तियों की जिम्मेदारी इसे सौंप दी जाएगी।

किन विभागों पर होगा असर

इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव यह होगा कि वर्दीधारी पदों के लिए अलग-अलग विभागों की निर्भरता खत्म हो जाएगी। वर्तमान में जो भर्तियां स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड के जरिए हो रही हैं, वे भविष्य में नए पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा संचालित की जाएंगी। इसके दायरे में आने वाले प्रमुख विभाग इस प्रकार हैं:

  • पुलिस विभाग
  • जेल विभाग
  • वन विभाग (फॉरेस्ट गार्ड)
  • परिवहन विभाग
  • आबकारी विभाग
  • रेलवे पुलिस
  • होमगार्ड
  • फायर सर्विस

इस एकीकरण से विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती की प्रक्रिया एकसमान हो जाएगी। साथ ही, स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड पर काम का दबाव काफी कम होगा, जिससे भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने में देरी नहीं होगी और समय पर भर्तियां पूरी की जा सकेंगी।

बदलेगा चयन का पूरा पैटर्न

इस नई प्रणाली में चयन प्रक्रिया को लेकर सबसे बड़ा बदलाव फिजिकल टेस्ट में देखने को मिलेगा। अब तक जिन भर्तियों में शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी फिजिकल टेस्ट की आवश्यकता होती थी, उसके लिए अलग से पुलिस बल की मदद ली जाती थी। नए पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन के बाद, यह बोर्ड लिखित परीक्षा से लेकर फिजिकल टेस्ट और अंतिम चयन प्रक्रिया तक की पूरी जिम्मेदारी खुद संभालेगा।

राज्य सरकार ने इस बोर्ड का खाका तैयार करते समय उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों के मॉडल का बारीकी से अध्ययन किया है। इन राज्यों में पुलिस भर्ती बोर्ड पहले से ही काफी प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं। सरकार का स्पष्ट मानना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की गति भी बढ़ेगी। इससे राज्य के अलग-अलग वर्दीधारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को शीघ्रता से भरा जा सकेगा और उम्मीदवारों को भी समय रहते नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!