मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म बीजेपी की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने खारिज कर दिया। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने हर संभव कोशिश की, मगर हर मोर्चे पर उसे नाकामी ही मिली।
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस की कोशिशें
नामांकन निरस्त होते ही कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराने के लिए धरना दिया और चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद पार्टी ने सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया, मगर वहां से भी उसके हाथ निराशा ही लगी।
बीजेपी उम्मीदवार की जीत
दूसरी ओर बीजेपी के उम्मीदवार महेश केवट का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया और उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया।
पर्याप्त विधायक, फिर भी हार
सबसे बड़ा सवाल यही है कि सीट जीतने के लिए जरूरी संख्या में विधायक मौजूद होने के बावजूद कांग्रेस यह राज्यसभा सीट अपने हाथ से कैसे गंवा बैठी। आइए उन वजहों को समझते हैं, जिनके चलते पार्टी को यह नुकसान उठाना पड़ा।
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