मीनाक्षी नटराजन का पर्चा रद्द होने वाले कागज भाजपा तक कैसे पहुंचे? कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा मध्य प्रदेश एक महीने पहले 26
मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि केस से जुड़े दस्तावेज उन्हें कांग्रेस के ही लोगों से मिले होंगे। कांग्रेस ने इस फैसले को 'लोकतंत्र की हत्या' बताते हुए अदालत जाने की तैयारी की है।

मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनावी राजनीति इन दिनों एक बड़े विवाद की चपेट में है। कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि हलफनामे में एक लंबित अदालती मामले की जानकारी न देने को आधार बनाकर उनका पर्चा खारिज किया गया। चुनाव अधिकारी ने भाजपा प्रत्याशी महेश केवट की आपत्ति पर सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया।

इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा नेता और मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। उन्होंने इसे न्याय की जीत करार देते हुए कांग्रेस की मौजूदा हालत पर भी निशाना साधा और मीडिया से बातचीत में यह खुलासा किया कि मीनाक्षी से जुड़े दस्तावेज आखिर उन तक पहुंचे कैसे।

कागज किसने दिए, इस पर विजयवर्गीय का खुलासा

नामांकन खारिज होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि न्याय की जीत हुई है और उनके कार्यकर्ता महेश केवट को जनता का आशीर्वाद मिला है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र में भरोसा रखती है। उनके मुताबिक चुनाव नहीं होते तब भी उनके उम्मीदवार राज्यसभा सदस्य बनते और अगर चुनाव होते तब भी वही जीतते।

विजयवर्गीय ने आगे सवाल उठाया कि जो कागज उन्हें मिले हैं, वे आखिर किसने दिए और उनके पास कहां से आए। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

'दस्तावेज कांग्रेस के लोगों ने ही पहुंचाए'

मंत्री ने दावा किया कि उनके पास तेलंगाना से कागज आ रहे हैं, जबकि तेलंगाना में कांग्रेस की ही सरकार है। उनका कहना था कि यह जानकारी कांग्रेस के ही लोगों ने दी होगी, और यही पार्टी की असल हालत बयां करती है।

बेंगलुरु भेजे जा रहे विधायकों को लेकर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि चाहे इन्हें बेंगलुरु ले जाया जाए या लंदन, चुनाव भाजपा ही जीतेगी, क्योंकि देश की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर, उनके काम और विकास पर भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत 2047 तक दुनिया के सबसे ताकतवर देशों की सूची में शामिल हो, यह सभी चाहते हैं और कांग्रेस के विधायक भी यही चाहते हैं।

कांग्रेस का जवाबी हमला

उधर कांग्रेस ने नामांकन रद्द किए जाने को 'लोकतंत्र की हत्या' और 'सीट चोरी' करार दिया है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि नटराजन के खिलाफ न तो कोई एफआईआर दर्ज थी और न ही आरोपपत्र दाखिल हुआ था, ऐसे में पर्चा खारिज करने का आधार कमजोर है।

कांग्रेस अब इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। यदि उसे अदालत से राहत नहीं मिलती तो मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत का रास्ता लगभग साफ हो सकता है। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर संभावित अंदरूनी मतभेद और संगठनात्मक कमजोरियों को लेकर भी नई चर्चा छेड़ दी है।

कौन हैं महेश केवट

महेश केवट मध्य प्रदेश भाजपा के जमीनी स्तर के नेता हैं और बुंदेलखंड के निवाड़ी जिले के प्रसिद्ध धार्मिक नगर ओरछा से ताल्लुक रखते हैं। वे वर्तमान में मध्य प्रदेश राज्य मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड के अध्यक्ष रहे हैं और केवट/निषाद समाज के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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