मीनाक्षी नटराजन को नहीं मिली राहत, तो भड़के दिग्विजय सिंह- 'चोरी में सभी शामिल, सुप्रीम कोर्ट भी' मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 1
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने और कोर्ट से तुरंत राहत न मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पर निशाना साधा।

मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त हो चुका है और पार्टी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। दूसरी ओर भाजपा के उम्मीदवारों को जीत के प्रमाणपत्र भी सौंप दिए गए हैं। इसी घटनाक्रम पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस पूरे खेल में सबने मिलकर 'चोरी' की है और इसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को भी घेरे में ले लिया।

मीनाक्षी मामले में कहां फंसा पेच

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द कर दिया गया और उन्हें चुनाव आयोग की ओर से भी कोई राहत नहीं मिली। पार्टी नेताओं ने पूरे प्रदेश में उपवास और धरना-प्रदर्शन किया तथा निर्वाचन आयोग के दफ्तर को घेरे रखा, मगर हालात नहीं बदले। इसके बाद कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब इस याचिका पर सुनवाई के लिए कल यानी 12 जून की तारीख तय हुई है।

सुप्रीम कोर्ट पर भी दिग्विजय का निशाना

तारीख मिलने के बाद दिग्विजय सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि हमें पहले से मालूम था कि चोरी हुई है और इस चोरी में सभी शामिल हैं- न सिर्फ राज्य और केंद्र, बल्कि चुनाव आयोग भी। इतना कहकर वे कुछ पल के लिए रुके और फिर बोले, 'माननीय सुप्रीम कोर्ट भी।'

मुझे यह कहना पड़ रहा है। जब सुप्रीम कोर्ट को पता था कि हमारी याचिका 4 बजे के बाद खत्म हो जाएगी, तो आज सुनवाई क्यों नहीं की? कल की तारीख क्यों लगाई? यह मिली-जुली चोरी है।

उन्होंने मीनाक्षी नटराजन का बचाव करते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई मामला बनता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके जैसा गांधीवादी व्यक्ति मैंने राजनीति में नहीं देखा, फिर भी उन्हें ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे उन्होंने कोई अपराध किया हो। 'क्या मजाक है भाई?'

भाजपा के तीनों उम्मीदवारों को मिला जीत का प्रमाणपत्र

एक तरफ जहां मीनाक्षी नटराजन का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, वहीं प्रदेश से राज्यसभा के लिए भाजपा के तीनों उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को जीत का प्रमाणपत्र मिल गया है। इसके बाद मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। आज राज्यसभा से नामांकन वापस लेने का अंतिम दिन था।

नामांकन फॉर्म पर भाजपा की आपत्ति

मध्य प्रदेश से भाजपा राज्यसभा की दो सीटें आसानी से जीत सकती थी। इसके लिए पार्टी ने पहले तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित किया। कांग्रेस के पास भी एक सीट जीतने का गणित था, इसलिए उसने मीनाक्षी नटराजन पर दांव लगाया। इसके जवाब में भाजपा ने तीसरे प्रत्याशी के रूप में महेश केवट को मैदान में उतार दिया, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया और इस सीट पर 18 जून को मतदान होना था।

हालांकि इससे पहले ही भाजपा ने मीनाक्षी के नामांकन फॉर्म पर आपत्ति दर्ज करा दी। पार्टी की ओर से कहा गया कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना के एक आपराधिक मामले की जानकारी अपने नामांकन फॉर्म में नहीं दी, जबकि उन्हें इस पूरे प्रकरण की जानकारी थी। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया। अब कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है, लेकिन इससे पहले ही बिना चुनाव कराए महेश केवट जीत दर्ज कर चुके हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!