बिहार
2 घंटे पहले
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भोजपुर के बिलौटी गांव से जुड़ा मामला
बिहार के भोजपुर जिले में एक कथित फर्जी पुलिस एनकाउंटर को लेकर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया है। पूरा मामला जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव से जुड़ा है। इस गांव के निवासी युवक भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। उसकी मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश उमड़ पड़ा।
एनकाउंटर की घटना कैसे हुई
पुलिस के अनुसार युवक भरत तिवारी हथियार लेकर पुलिसकर्मियों को धमका रहा था। जब पुलिस ने उसे घेरा तो उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी। इस जवाबी कार्रवाई में भरत को तीन गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया। पटना में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
परिवार का आरोप — सरेंडर के बाद चलाई गोली
मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे ने पिस्तौल पुलिसकर्मियों के सामने फेंक दी थी यानी उसने सरेंडर कर लिया था, इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। काशीनाथ तिवारी ने स्पष्ट कहा कि उनका बेटा कोई अपराधी नहीं था और न ही उसके विरुद्ध कोई मुकदमा दर्ज था। ऐसे में उसकी इस तरह हत्या किया जाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
शव लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण, बक्सर-आरा मुख्य मार्ग जाम
भरत तिवारी का पार्थिव शरीर जब गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर बक्सर-आरा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया। मौके पर शाहपुर थाने की पुलिस पहुंची, लेकिन उग्र ग्रामीण प्रदर्शन पर अड़े रहे।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
आक्रोशित ग्रामीण इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। फिलहाल पुलिस और मृतक के परिवार के दावे परस्पर विरोधाभासी हैं। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था।
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