अंधेरे में पानी पीना पड़ा भारी, भागलपुर की किशोरी ने गलती से निगली 3 इंच की सुई बिहार एक घंटा पहले 4
भागलपुर की रहने वाली 16 साल की सुरभि ने अंधेरे में प्यास के कारण पानी पिया, लेकिन उसी पानी के साथ वह एक 3 इंच लंबी सुई भी निगल गई। पूर्णिया के डॉक्टरों ने बिना किसी बड़ी सर्जरी के इस जानलेवा सुई को सफलतापूर्वक बाहर निकाला है।

सावधानी में चूक और जीवन पर मंडराया खतरा

अक्सर कहा जाता है कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी। यही बात भागलपुर की रहने वाली 16 वर्षीय सुरभि के साथ सच साबित हुई। घर के अंदर रोशनी न होने और एक छोटी सी भूल के कारण किशोरी की जान आफत में पड़ गई। इस घटना ने सबको चौंका दिया है। मामला बिहार के भागलपुर के कहलगांव का है, जहाँ किशोरी अपनी नानी प्रमिला देवी के साथ रहती है।

अंधेरे में कैसे हुई यह चूक

सुरभि की नानी प्रमिला देवी ने बताया कि करीब 15 दिन पहले की बात है। रात के समय अचानक बिजली गुल हो गई और घर में चारों तरफ अंधेरा छा गया। प्यास लगने पर सुरभि ने बिना देखे ही पास रखे एक गिलास में से पानी पी लिया। उसे तनिक भी अंदाजा नहीं था कि उस पानी के गिलास में एक 3 इंच लंबी और नुकीली सुई रखी हुई है। किशोरी ने पानी के साथ उस खतरनाक सुई को भी सीधे गटक लिया। सुई पेट के अंदर जाकर उसकी आंतों में फंस गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।

अस्पतालों की दौड़ और डॉक्टरों की निराशा

सुई निगलने के बाद सुरभि की परेशानियां शुरू हो गईं। परिजनों ने उसे बचाने के लिए कई अस्पतालों के दरवाजे खटखटाए, लेकिन हर जगह उन्हें निराशा हाथ लगी। सुरभि की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कई डॉक्टरों ने इलाज करने से ही मना कर दिया। परिवार काफी डरा हुआ था कि कहीं उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी न हो जाए। अंत में उन्हें पूर्णिया के डॉक्टर तारकेश्वर कुमार के बारे में जानकारी मिली, जो पूर्णिया के कप्तान पाड़ा स्थित आर सी यादव मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में कार्यरत हैं।

बिना चीर-फाड़ के हुआ जटिल ऑपरेशन

जब सुरभि को डॉक्टर तारकेश्वर कुमार के पास लाया गया, तो उन्होंने उसकी जांच की और इलाज का जिम्मा उठाया। डॉक्टर ने बताया कि 3 इंच लंबी सुई का पेट के अंदर होना और उसे सुरक्षित बाहर निकालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद, डॉक्टर ने अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। इलाज के दौरान दूरबीन और रोबोटिक तकनीक की भी मदद ली गई ताकि सुई की सटीक स्थिति का पता चल सके। कई घंटों तक चली जांच के बाद पता चला कि वह नुकीली सुई पेशाब की थैली में फंसी हुई थी। डॉक्टर तारकेश्वर ने बिना किसी बड़े चीर-फाड़ के सी-आर्म (C-arm) मशीन की मदद से उस सुई को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। हैरानी की बात यह थी कि सुई में जंग भी लगना शुरू हो गया था, जो संक्रमण का कारण बन सकता था।

डॉक्टर की जनता से खास अपील

इस घटना से सीख लेते हुए डॉक्टर तारकेश्वर कुमार ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि जीवन में कभी भी ऐसी मुसीबत न आए, इसके लिए लोगों को कुछ भी खाने या पीने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी चीज सेवन करने से पहले उसे अच्छी तरह से जांच और परख लेना बेहद जरूरी है।

  • किसी भी तरल पदार्थ का सेवन करते समय रोशनी का ध्यान रखें।
  • पैकेट बंद खाद्य पदार्थों को भी इस्तेमाल से पहले खोलकर अच्छी तरह देखें।
  • अक्सर पैकेट बंद चीजों में भी लोहे या प्लास्टिक के टुकड़े मिलने की खबरें आती रहती हैं, इसलिए सतर्कता ही एकमात्र बचाव है।

सुरभि की नानी प्रमिला देवी ने डॉक्टर तारकेश्वर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यदि समय रहते उन्हें यह डॉक्टर नहीं मिले होते, तो शायद आज उनकी नातिन जीवित नहीं होती। यह घटना स्पष्ट करती है कि हमारी छोटी सी असावधानी कितनी भारी पड़ सकती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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