बेंगलुरु में खूनी खेल: पत्नी से विवाद के बाद कैब ड्राइवर ने सास-साले समेत 7 लोगों को उतारा मौत के घाट राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 6
बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक कैब ड्राइवर ने अपनी पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों की पत्थर की चक्की से कुचलकर हत्या कर दी। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच चल रही है।

बेंगलुरु में दिल दहला देने वाला हत्याकांड

बेंगलुरु से एक अत्यंत वीभत्स और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक कैब ड्राइवर ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी और उसके ससुराल पक्ष के कुल 7 लोगों की निर्मम हत्या कर दी। इस हत्याकांड में न केवल पत्नी, बल्कि सास, साले और मासूम बच्चे को भी नहीं बख्शा गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और इस खूनी खेल की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

पत्नी से विवाद बना वजह

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी कैब ड्राइवर की पहचान 45 वर्षीय शेखर उर्फ इंदुशेखर के रूप में हुई है, जो राजराजिनगर के बाश्यम सर्कल इलाके में रहता था। शेखर और उसकी पत्नी सुनीता की शादी को 20 साल बीत चुके थे, लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों के बीच वैवाहिक संबंधों में तनाव चल रहा था। शेखर को संदेह था कि सुनीता का परिवार उसकी निजी जिंदगी में दखल दे रहा है और अक्सर झगड़ों के दौरान वे लोग सुनीता का पक्ष लेते हैं। इस बात से नाराज होकर शेखर ने एक खौफनाक साजिश रची और परिवार के सभी सदस्यों को रास्ते से हटाने का मन बना लिया।

प्लानिंग के तहत बुला-बुलाकर की हत्या

पुलिस जांच में पता चला है कि यह हत्याएं अचानक नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति के तहत की गई थीं। शेखर ने पिछले दो दिनों के भीतर अपने ससुराल पक्ष के लोगों को एक-एक करके बहाने से अपने घर बुलाया। घर में बुलाने के बाद उसने पत्थर की चक्की, जिसे स्थानीय भाषा में 'ओरलु कल्लू' कहा जाता है, का इस्तेमाल कर उन सभी को बेरहमी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने सबूत मिटाने के उद्देश्य से शवों को अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की भी कोशिश की। इनमें से कुछ शव चिक्कबल्लापुर के आसपास के इलाकों में फेंके गए थे।

मृतकों में शामिल हैं ये लोग

इस हत्याकांड ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। जिन लोगों की जान गई उनमें शेखर की पत्नी सुनीता के साथ-साथ उसकी सास रूपावती, साले शिवकुमार और शंकर शामिल हैं। इसके अलावा रूपावती की बहुएं दिव्या और नलिनी को भी उसने मौत के मुंह में धकेल दिया। इस जघन्य अपराध में हैवानियत की पराकाष्ठा तब देखने को मिली, जब उसने साले के केवल 7 साल के बेटे पुनीत को भी नहीं छोड़ा।

ऐसे खुला राज

घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार की एक सदस्य नलिनी के लापता होने पर उसकी मां ने श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब मामले की तहकीकात शुरू की, तो पता चला कि नलिनी के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी गायब हैं। पुलिस का शक तुरंत शेखर पर गया, क्योंकि वह बार-बार विरोधाभासी बातें कर रहा था। पुलिस की सघन पूछताछ के आगे वह टिक नहीं पाया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस को नंदी हिल्स के पास 7 वर्षीय पुनीत का शव बरामद हुआ है, जबकि अन्य शवों की तलाश के लिए अभी भी तलाशी अभियान जारी है। पुलिस अब आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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