जादवपुर यूनिवर्सिटी में आपत्तिजनक पेंटिंग्स पर सीएम शुभेंदु अधिकारी सख्त, जांच के दिए कड़े निर्देश पश्चिम बंगाल एक घंटा पहले 4
जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में देश-विरोधी वॉल ग्राफ़िटी और चित्रों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है और प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।

जादवपुर यूनिवर्सिटी में मचा बवाल

कोलकाता की जाधवपुर यूनिवर्सिटी में हाल ही में एबीवीपी और एसएफआई समर्थकों के बीच हुई झड़प के बाद से ही हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यूनिवर्सिटी परिसर में बनी देश-विरोधी वॉल ग्राफ़िटी और आपत्तिजनक चित्रों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर राज्य के उच्च शिक्षा अधिकारियों को मामले की गहन जांच करने और छात्रों का फिजिकल वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया है। यह सरकारी आदेश तब आया है जब यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर चिरंजीब भट्टाचार्य द्वारा सभी पक्षों के साथ बुलाई गई बैठक सोमवार रात बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई थी।

मुख्यमंत्री ने वीसी को जांच के दिए आदेश

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस पूरे मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों के एक समूह से इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों के साथ देश-विरोधी और आपत्तिजनक ग्रैफिटी की तस्वीरें भी संलग्न की गई थीं। विशेष रूप से आर्ट्स डिपार्टमेंट के बॉयज़ हॉस्टल में ऐसी कई संदिग्ध तस्वीरें पाए जाने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री ने वीडियो पोस्ट कर स्पष्ट संदेश दिया कि कैंपस में इस तरह की राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग और वाइस-चांसलर को तत्काल प्रभाव से जांच प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

शैक्षिक संस्थानों की गरिमा पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि शैक्षणिक संस्थान ज्ञानार्जन, शैक्षणिक उत्कृष्टता और राष्ट्र-निर्माण के पवित्र केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि कैंपस की जमीन का इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में विकृत प्रोपेगैंडा फैलाने या भारत-विरोधी भावनाओं को हवा देने के लिए नहीं किया जा सकता है। शुभेंदु अधिकारी ने वाइस-चांसलर और उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव से आग्रह किया है कि वे जमीनी स्तर पर आर्ट्स डिवीज़न के बॉयज़ हॉस्टल की जांच करवाएं। यदि वहां ऐसी कोई भी आपत्तिजनक वॉल ग्राफ़िटी पाई जाती है, तो इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए।

ज़ीरो टॉलरेंस की नीति

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य के शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की देश-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे परिसर में नियमों का पालन सुनिश्चित करें ताकि शिक्षा की गरिमा बनी रहे। यदि जांच में इन आपत्तिजनक चित्रों और देश-विरोधी बातों की पुष्टि होती है, तो इन ग्राफ़िटी को तुरंत हटाने के साथ-साथ इसमें शामिल छात्रों या व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप