बस्तर में दीपावली की चमक: सिरहासार चौक पर सजे मिट्टी के दीये, 1 रुपये से शुरू है दाम छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 5
जगदलपुर के प्रमुख सिरहासार चौक पर दीपावली के लिए मिट्टी के दीयों का बड़ा बाजार सज गया है, जहां ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार 10 से ज्यादा प्रकार के दीये खरीद सकते हैं।

दीपावली के स्वागत में तैयार है जगदलपुर

बस्तर जिले में दीपावली के त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के व्यस्त और प्रमुख सिरहासार चौक पर मिट्टी के दीयों का बाजार सजकर तैयार हो गया है, जो स्थानीय निवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दीपावली के पर्व पर मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा सदियों पुरानी है और इस बार भी बाजार में पारंपरिक दीयों की भारी मांग देखी जा रही है। जगदलपुर के इस प्रमुख बाजार में ओड़िशा और जगदलपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में दीया विक्रेता पहुंचे हैं।

बाजार में उपलब्ध वैरायटी और विकल्प

सिरहासार चौक पर खरीदारों के लिए दीयों की व्यापक रेंज उपलब्ध है। दुकानदारों के अनुसार, बाजार में कुल 10 से अधिक किस्म के दीये बेचे जा रहे हैं। इन दीयों में विशेष रूप से लैंप दीये, कलश दीये और छोटे-बड़े आकार के साधारण दीये शामिल हैं। मावली मंदिर के पास अपना व्यवसाय लगाने वाले विक्रेता राजेन नाग ने जानकारी दी कि वे हर साल दीपावली के अवसर पर यहां दीये बेचने आते हैं। इस वर्ष उनके पास अकेले छह से सात प्रकार के दीये बिक्री के लिए मौजूद हैं।

कीमत और ग्राहकों का बजट

इस बार जगदलपुर का दीया बाजार हर वर्ग के ग्राहकों के बजट का ध्यान रखते हुए सजाया गया है। यहां दीयों की कीमत 1 रुपये से शुरू होकर 100 रुपये तक है। विक्रेता राजेन नाग ने बताया कि वे अलग-अलग दर पर दीये बेच रहे हैं। उनके पास 10 रुपये और 20 रुपये वाले दीये विशेष मांग में हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए वे 20 रुपये में 15 दीये और कुछ अन्य श्रेणियों में 20 रुपये में 3 दीये की दर से बिक्री कर रहे हैं। मंदिरों में पूजा-पाठ के उद्देश्य से विशेष प्रकार के दीये भी अलग से रखे गए हैं, जिनकी मांग बहुत अधिक है।

लोगों की पसंद और खरीदारी

स्थानीय लोगों की खरीदारी के रुझानों को देखें तो छोटे दीयों की मांग सबसे अधिक है। ये दीये न केवल किफायती हैं, बल्कि दिखने में भी बेहद सुंदर हैं, जिसके कारण ग्राहक इन्हें ज्यादा पसंद कर रहे हैं। विशेष तौर पर मंदिरों में पूजा के दौरान जलाने के लिए बड़े कलश दीये और लैंप दीये लोगों को खासे आकर्षित कर रहे हैं। गौरतलब है कि राजेन नाग जैसे कई अनुभवी विक्रेता पिछले 10 वर्षों से भी अधिक समय से दीये बेचने का कार्य कर रहे हैं और इस व्यवसाय के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं।

आजीविका और परंपरा का संगम

सिरहासार चौक का यह बाजार न केवल दीपावली के त्योहार की रौनक और चमक को बढ़ाने का काम कर रहा है, बल्कि यह उन कुम्हारों और विक्रेताओं के लिए भी जीवन का आधार है जो पारंपरिक मिट्टी के दीपक बनाने और उन्हें बेचने का काम करते हैं। 10 से अधिक वैरायटी उपलब्ध होने के कारण ग्राहकों को अपनी आवश्यकतानुसार खरीदारी करने में काफी सुविधा हो रही है। यह बाजार दीपावली की खुशी को और अधिक यादगार बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप