छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में इंसानियत शर्मसार, महिला को 7 साल तक कमरे में बंद कर पति, 2 जेठ और 2 देवरों पर दरिंदगी का आरोप छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 2
बलौदाबाजार के कसडोल क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति, दो जेठ और दो देवरों पर 7 साल तक बंधक बनाकर शारीरिक व मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया है, सखी सेंटर की मदद से उसे रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बलौदाबाजार में इंसानियत को तार-तार कर देने वाला मामला

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली हैवानियत का खुलासा हुआ है। जिले के कसडोल थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने ही घर के 5 पुरुषों पर गंभीर और रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, उसे सालों तक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ लगातार प्रताड़ना व दुष्कर्म किया जाता रहा।

7 साल तक कमरे में कैद रखकर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना

पीड़िता ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उसके साथ यह जुल्म पिछले 7 साल से जारी था। आरोप है कि उसे एक कमरे में बंद रखा जाता था और समय पर खाना भी नहीं दिया जाता था। इस दौरान उसे गंभीर शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। महिला ने जिन 5 लोगों पर दरिंदगी का आरोप लगाया है, उनमें शामिल हैं:

  • पीड़िता का पति
  • उसके 2 जेठ
  • और उसके 2 देवर

अपनों के ही इस भयानक अत्याचार को सहते-सहते पीड़िता की स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी, जिसके बाद उसने किसी तरह मदद के लिए प्रयास किया।

हेल्पलाइन 181 और सखी सेंटर की मदद से रेस्क्यू

वर्षों से जारी इस बंधक जीवन और प्रताड़ना के बीच पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल किया और अपनी जान बचाने के लिए गुहार लगाई। कॉल मिलते ही सखी सेंटर की टीम हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को मौके से रेस्क्यू किया।

रेस्क्यू के समय महिला की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई थी। उसे तुरंत बलौदाबाजार जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। चिकित्साकर्मी पीड़िता की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

मामले की जांच में जुटी पुलिस, FIR दर्ज होना बाकी

घटना की सूचना मिलने के बाद कसडोल थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और इस संबंध में कई स्थानीय लोगों से बातचीत कर जानकारी जुटाई है। इसके साथ ही अस्पताल जाकर पीड़िता का बयान भी दर्ज किया गया है।

हालांकि, इतने गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद पुलिस ने अभी तक मामले में औपचारिक FIR दर्ज नहीं की है। दूसरी ओर, पीड़िता के परिजनों ने प्रशासन और पुलिस से मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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