तीर-कमान हाथ में आया तो गिन-गिनकर करेंगे शिकार, कांग्रेस विधायक मधु भगत का विवादित बयान वायरल मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
मध्य प्रदेश के बालाघाट में बाघ के हमलों से परेशान ग्रामीणों के बीच पहुंचे कांग्रेस विधायक मधु भगत ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए एक बेहद विवादित बयान दिया है।

बालाघाट में कांग्रेस विधायक का तीखा तेवर

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परसवाड़ा विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक मधु भगत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अधिकारियों को खुली चेतावनी देते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में विधायक ने कुछ ऐसा कह दिया है जिससे राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर उनके समुदाय के लोगों के हाथों में उनका पारंपरिक तीर-कमान आ गया, तो वे जंगल में जाकर जंगली जानवरों का गिन-गिनकर शिकार करेंगे। इतना ही नहीं, विधायक ने यह भी दावा किया कि वे इस अभियान में खुद सबसे आगे रहेंगे।

बाघ के आतंक से ग्रामीणों में दहशत

विधायक का यह बयान उस समय आया जब वे परसवाड़ा क्षेत्र के पर्रापुर गांव का दौरा कर रहे थे। गौरतलब है कि हाल ही में इस इलाके में बाघ के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। पर्रापुर में एक बाघ ने महिला को अपना निवाला बना लिया था, वहीं मालखेड़ी में भी बाघ के हमले में एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था। इन दर्दनाक हादसों के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने जब अपनी आपबीती सुनाई और वन विभाग पर निष्क्रियता का आरोप लगाया, तो विधायक का गुस्सा फूट पड़ा।

वन विभाग पर बरसे विधायक

विधायक मधु भगत ने इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों पर तीखे हमले किए। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले साढ़े तीन साल के दौरान बाघ के हमलों में कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वन विभाग अभी तक इन घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और चेतावनी भरे अंदाज में अपनी बात रखी। फिलहाल विधायक के इस विवादित बयान के बाद प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनके बोल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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