बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में चढ़ावा गबन का मामला, एक कर्मचारी सस्पेंड भारत एक महीने पहले 67
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बीच अपने एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।

बद्रीनाथ मंदिर में कार्रवाई

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में अनियमितताओं के आरोपों के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने बड़ी कार्रवाई की है। समिति ने अपने एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गौरतलब है कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति एक वैधानिक संस्थान है, जो बद्रीनाथ मंदिर सहित कुल 44 धार्मिक स्थलों, विभिन्न विद्यालयों और धर्मशालाओं के प्रबंधन और संचालन की जिम्मेदारी संभालती है।

जांच के घेरे में कर्मचारी

समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में मिली गड़बड़ियों के संकेतों के आधार पर प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया है। प्रमोद नौटियाल मंदिर समिति में निजी सचिव के पद पर कार्यरत थे। हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में समिति की नीति 'ज़ीरो-टॉलरेंस' की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ न केवल सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी, बल्कि कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।

क्या है पूरा घटनाक्रम

यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना के दौरान धांधली के आरोप लगाए गए। इन आरोपों के बाद 'भैरव सेना' नामक संगठन ने शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की गहन जांच और FIR दर्ज करने की मांग उठाई थी। इसके चलते पिछले सप्ताह चार सदस्यों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। इस टीम में वित्तीय नियंत्रक हेम कांडपाल, विधि अधिकारी एस.एस. बर्तवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी और केदारनाथ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डी.एस. भुजवान शामिल हैं।

जांच का दायरा और राजनीति

समिति ने अपनी जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों के बयानों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का बारीकी से विश्लेषण किया है। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे बदलने के मुद्दे पर भी कई सवाल खड़े हुए थे, जिसका खंडन करते हुए समिति के CEO ने कहा कि कैमरे बदलना एक सामान्य प्रक्रिया थी और पुराने DVR का डेटा सुरक्षित है। दूसरी ओर, इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धामी सरकार पर निशाना साधते हुए पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच या विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग की है। मामले की जांच अभी भी जारी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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