उत्तर प्रदेश: पुलिस एनकाउंटर में 50 हजार का इनामी डकैत ढेर, गाजियाबाद में भी दो अपराधी गिरफ्तार उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 70
उत्तर प्रदेश के बदायूं में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी डकैत जितेंद्र उर्फ ढालू मारा गया, वहीं गाजियाबाद में स्नैचिंग करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

बदायूं एनकाउंटर में बड़ा अपराधी ढेर

उत्तर प्रदेश पुलिस का अपराधियों के खिलाफ अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है। इस कड़ी में बदायूं जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश ढेर हो गया। मारे गए आरोपी की पहचान जितेंद्र उर्फ ढालू के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कोई मामूली अपराधी नहीं था, बल्कि एक खूंखार डकैत था। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाईं। इस कार्रवाई में जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में पुलिस के एक दरोगा और एक सिपाही के भी घायल होने की सूचना है, जिनका इलाज जारी है।

कौन था जितेंद्र उर्फ ढालू?

जांच में सामने आया है कि जितेंद्र उर्फ ढालू मूल रूप से हापुड़ जिले के धौलाना थाना क्षेत्र के बछेड़ा गांव का निवासी था। हालांकि, बीते कुछ वर्षों से वह संभल जिले के बनियाठेर थाना इलाके के जनेटा गांव में छिपकर रह रहा था और वहीं से अपनी आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता था। उस पर बरेली रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा 50 हजार रुपये का बड़ा इनाम घोषित किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जितेंद्र के खिलाफ लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों में लगभग एक दर्जन मुकदमे दर्ज थे। उसने गौतमबुद्ध नगर, अमरोहा और बदायूं सहित राज्य के कई जिलों में वारदातों को अंजाम दिया था। हाल ही में इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई डकैती की घटनाओं में भी पुलिस को उसकी सरगर्मी से तलाश थी।

गाजियाबाद में भी पुलिस की कार्रवाई

बदायूं के अलावा, गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में भी पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। पुलिस की टीम वहां नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी, तभी बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया गया। लेकिन, बदमाशों ने रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

क्या है आरोपियों का इतिहास?

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान सौरव यादव उर्फ गोली और अमन यादव के रूप में की गई है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया है कि वे नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के अन्य हिस्सों में लगातार चोरी, लूट और स्नैचिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। पुलिस ने इन दोनों के पास से दो तमंचे, जिंदा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक और अन्य बरामदगी की है। उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, प्रदेश भर में इस तरह के अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्ती बरती जा रही है ताकि कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जा सके।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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